पीएम ई विद्या प्रोग्राम: छात्रों की पढ़ाई पर अब नहीं पड़ेगा असर, DTH चैनेल के जरिए होंगी क्लास

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 17, 2020, 01:10 PM IST

PM eVidya Programme: कोविड-19 के कारण लागू हुए लॉकडाउन की वजह से इकोनॉमी सुस्त है। अब इसी बीच केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये की राहत पैकेज का ऐलान किया है।

पीएम ई विद्या प्रोग्राम: छात्रों की पढ़ाई पर अब नहीं पड़ेगा असर, DTH चैनेल के जरिए होंगी क्लास
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 20 लाख करोड़ रुपये की राहत पैकेज का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 17 मई 2020 को राहत पैकेज के पांचवे चरण का ऐलान कर रही हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार ने डिजिटल इकोलॉमी को प्रमोट किया है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द छात्रों के लिए पीएम ई विद्या कार्यक्रम शुरू करेगी। जहां हर क्लास के लिए एक अलग चैनल बनाया जाएगा। इसके तहत तकनीक के जरिए शिक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि तकनीक की मदद से 30 मई तक अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए एक मल्टी मोड एक्सेस का शुभारंभ किया जाएगा। ई विद्या कार्यक्रम के अलावा वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की है कि नए डीटीएच चैनलों को स्वयंवर प्रभा के तहत लॉन्च किया जाएगा। इसके तहत छात्र बिना इंटरनेट के कार्यक्रमों के 8 चैनेल होंगे। दृष्टिबाधितों बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंगे जहां वह कार्यक्रम को सुन सकेंगे।

ट्विटर पर ट्वीट करते हुए बताया गया है कि तकनीक से चलने वाली शिक्षा पर फोकस- डिजिटल के लिए मल्टी-मोड एक्सेस के लिए PM eVIDYa कार्यक्रम/ जल्द ऑनलाइन शिक्षा तुरंत शुरू की जाएगी। इसके साथ ही टॉप 100 विश्वविद्यालयों को 30 मई 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति होगी।

पीएम ई- विद्या कार्यक्रम के बारे में जानें ये खास बातें

  • यह एक टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित पहल है जो शिक्षा के साथ मल्टी मोडल प्रसार पर ध्यान केंद्रित करेगी।
  • दीक्षा - सीबीएसई लर्निंग प्लैटफॉर्म को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में स्कूली शिक्षा के लिए बढ़ाया जाएगा। ई-कंटेंट और क्यूआर कोड द्वारा पाठ्यपुस्तकों को एक राष्ट्र - एक डिजिटल प्लैटफ़ॉर्म पहल के तहत सभी ग्रेड के लिए प्रदान किया जाएगा।
  • जिन छात्रों के पास इंटरनेट सुविधा नहीं है, इसमें सभी वर्ग यानी 1 से 12 के लिए एक ग्रेड के लिए एक चैनल प्रसारित किया जाएगा।
  • रेडियो, कम्यूनिटी रेडियो और पॉडकास्ट को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा।
  • टॉप 100 विश्वविद्यालयों को 30 मई, 2020 तक स्वचालित रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
  • दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित लोगों के लिए विशेष ई-कंटेंट विकसित की जाएगी।
  • इसके अलावा जल्द बच्चों, छात्रों और शिक्षक के लिए मनोदर्पण प्रोग्राम भी चलाया जाएगा। मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने के लिए इसे तुरंत लॉन्च किया जाएगा।
  • नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और शैक्षणिक फ्रेम वर्क के लिए एकीकृत वैश्विक 21 वीं सदी की स्किल के जरूरतों के साथ लॉन्च किया जाएगा। बच्चे और शिक्षक इसका लाभ उठा सकेंगे।
  • राष्ट्रीय साक्षारता मिशन और न्यूमेरसी मिशन, जिसका उद्देश्य 2025 तक शिक्षा के परिणामों को सुनिश्चित करना है, वह दिसंबर 2020 में शुरू किया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोविड-19 के दौरान ऑनलाइन और डिजिटल लर्निंग के मौजूदा तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए शुरू की गई पहलों पर फोकस किया है। इस दौरान उन्होंने दूरदर्शन द्वारा प्रसारित शिक्षा चैनल स्वयं प्रभा का जिक्र किया। बता दें कि इस मुश्किल परिस्थिति में स्वयं प्रभा ने शिक्षा की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से पूरा किया है। स्कूली शिक्षा के लिए तीन चैनेल रखे गए थे। इसके बाद अब 12 चैनेल पीएम ई-विद्या पहल के तहत जोड़े जाएंगे। 

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