Career Options: टेक्सटाइल इंडस्ट्री में नहीं जॉब की कमी, ऐसे बनें टेक्सटाइल इंजीनियर, मिलेगी हाई सैलरी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 29, 2022, 01:25 PM IST

Career In Textile Designing: टेक्सटाइल इंडस्ट्री में हर साल लाखों युवाओं को जॉब मिलता है। यहां पर हमेशा पेशावार लोगों की डिमांड बनी रहती है। अगर आप भी टेक्सटाइल डिजाइनिंग या प्रोडक्शन में दिलचस्पी रखते हैं, तो टेक्सटाइल इंडस्‍ट्री में अपना करियर बना सकते हैं।

Career Options: टेक्सटाइल इंडस्ट्री में नहीं जॉब की कमी, ऐसे बनें टेक्सटाइल इंजीनियर, मिलेगी हाई सैलरी
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Career In Textile Engineering: किसी भी कंट्री के डेवलपमेंट में टेक्सटाइल इंडस्ट्री का बहुत बड़ा योगदान होता है। भारत को भी मजबूत बनाने में इस इंडस्ट्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह देश के सबसे पुराने इंडस्ट्री में से एक है। टेक्सटाइल डिजाइनिंग व इंजीनियरिंग में जॉब की कभी भी कमी नहीं होती है। इस इंडस्‍ट्री को करियर के लिए शानदार माना जाता है। भारत में यह इंडस्ट्री रिसर्च, डेवलपमेंट, मेन्युफैक्चरिंग और मर्केंडाइजिंग जैसी कई श्रेणियों में काम कर रही है। जिस कारण यहां पर प्रति वर्ष लाखों युवाओं को अपना करियर बनाने का मौका मिलता है।

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग क्‍या है

टेक्सटाइल सेक्‍टर में रंग, कपड़ा फाइबर, मशीनरी और उत्पाद को डिजाइन और नियंत्रित किया जाता है। फैशनेबल कपड़ों की मांग के कारण इस इंडस्‍ट्री में बहुत ज्यादा रिसर्च, क्रिएटिविटी और इनोवेशन की जरूरत पड़ती है। यहां पर टेक्सटाइल इंजीनियर का कार्य कपड़ा फाइबर के निर्माण में पॉलिमर का विश्लेषण करना होता है। इसके लिए इन इंजीनियर्स को काफी रिसर्च और एक्सपेरिमेंट करना पड़ता है।

टेक्सटाइल इंजीनियर में कोर्स

टेक्सटाइल से जुड़ा कोर्स करने के लिए 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स या बायोलॉजी जैसे विषय में पढ़ाई करनी होगी। इसके बाद छात्र टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में बीई या बीटेक, टेक्सटाइल डिजाइन में बीएससी, टेक्सटाइल डिजाइनिंग में बीए, बैचलर ऑफ डिजाइन, डिप्लोमा इन टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग या टेक्सटाइल केमिस्ट्री में बीटेक जैसे कोर्स कर सकते हैं। इस फील्‍ड में एडवांस्ड डिप्लोमा, एमईए,  एमटेक और पीएचडी का ऑप्‍शन भी उपलब्‍ध है।

करियर की संभावनाएं

कोर्स पूरा होने के बाद छात्र किसी भी टेक्सटाइल मिल्स, निटवेयर मेन्युफैकचरिंग यूनिट्स, टेक्सटाइल डाइंग यूनिट्स, एक्सपोर्ट हाउसेज में काम कर सकते हैं। यहां पर प्रोडक्शन कंट्रोल, इंजीनियरिंग प्रोसेस, प्रोडक्ट रिसर्च एंड डेवलपमेंट, कॉर्पोरेट मैनेजमेंट, सुपरविजन आदि डिपार्टमेंट्स में काम करना पड़ता है। छात्र चाहे तो सरकार द्वारा प्रायोजित व निजी सिल्क, जूट, खादी, हैंडलूम, क्राफ्ट डेवलपमेंट संस्थानों में भी काम कर सकते हैं। इसके अलावा फैशन रीटेलर्स डिजाइन स्टूडियोज में भी जॉब का ऑप्‍शन मौजूद रहता है।

सैलरी

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा व डिग्री कोर्स के बाद फ्रेशर के तौर पर छात्रों को 30 से 45 हजार रुपये का शुरुआती वेतन आसानी से मिल सकता है। इसके बाद अनुभव के साथ यह सैलरी कुछ ही सालों में प्रति माह एक लाख से ज्‍यादा हो सकती है। वहीं अगर आपने आईआईटी से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है, तो आपका शुरुआती वेतन ही लाखों में होगा।

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