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102 साल के भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ सीआर राव को मिलेगा 2023 का 'इंटरनेशनल प्राइज इन स्टैटिस्टिक्स'

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  • Updated Apr 11, 2023, 01:16 PM IST

Indian-American mathematician CR Rao: ‘इंटरनेशनल प्राइज इन स्टैटिस्टिक्स फाउंडेशन’ ने एक बयान में कहा कि राव का 75 साल पहले इस क्षेत्र में दिया गया योगदान आज भी विज्ञान पर गहरा प्रभाव रखता है। राव की उम्र 102 साल है।

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सीआर राव को मिलेगा 2023 का 'इंटरनेशनल प्राइज इन स्टैटिस्टिक्स'

Photo : PTI

Indian-American mathematician CR Rao: जाने-माने भारतीय-अमेरिकी गणितज्ञ एवं सांख्यिकीविद कल्यामपुडी राधाकृष्ण राव (Calyampudi Radhakrishna Rao) को सांख्यिकी (Statistics) के क्षेत्र में 75 साल पहले किए गए उनके उस ऐतिहासिक कार्य के लिए 2023 का ‘इंटरनेशनल प्राइज इन स्टैटिस्टिक्स’ (International Prize in Statistics) पुरस्कार दिया जाएगा, जिसने सांख्यिकीय क्षेत्र में क्रांति ला दी थी। इस पुरस्कार को सांख्यिकी के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार (Noble Prize) के बराबर माना जाता है।

‘इंटरनेशनल प्राइज इन स्टैटिस्टिक्स फाउंडेशन’ ने एक बयान में कहा कि राव का 75 साल पहले इस क्षेत्र में दिया गया योगदान आज भी विज्ञान पर गहरा प्रभाव रखता है। राव की उम्र 102 साल है। उन्हें कनाडा के ओटावा में द्विवार्षिक अंतरराष्ट्रीय सांख्यिकी संस्थान विश्व सांख्यिकी कांग्रेस में जुलाई में ये पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार के साथ-साथ उन्हें 80,000 डॉलर की इनामी राशि भी दी जाएगी।

फाउंडेशन के अध्यक्ष गय नेसन ने कहा कि इस पुरस्कार को प्रदान करके हम सीआर राव द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य का जश्न मना रहे हैं, जिसने न केवल अपने समय में सांख्यिकीय सोच में क्रांति ला दी, बल्कि विज्ञान को लेकर मानव समझ पर भी बहुत प्रभाव डाला। फाउंडेशन ने एक अप्रैल को एक बयान में कहा कि कलकत्ता मैथमैटिकल सोसाइटी के बुलेटिन में 1945 में प्रकाशित उल्लेखनीय दस्तावेज में राव ने तीन मूलभूत परिणामों के बारे में बताया था जिन्होंने सांख्यिकी के आधुनिक क्षेत्र के लिए मार्ग प्रशस्त किया और सांख्यिकीय तरीके प्रदान किए जो आज भी विज्ञान में खूब उपयोग किए जाते हैं।

राव का कर्नाटक के हडागली में एक तेलुगु परिवार में हुआ था जन्म

गौरतलब है कि राव का जन्म मौजूदा कर्नाटक के हडागली में एक तेलुगु परिवार में हुआ था और उनकी पढ़ाई आंध्र प्रदेश के नुजिवीड, नंदीगाम और विशाखापत्तनम में हुई थी। उन्होंने आंध्र प्रदेश विश्वविद्यालय से गणित में एमएससी की और वर्ष 1943 में कलकत्ता विश्वविद्यालय में सांख्यिकी से एमए किया। राव ने कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के किंग्स कॉलेज से पीएचडी की उपाधि और कैम्ब्रिज से ही वर्ष 1965 में डीएससी की डिग्री हासिल की।

राव ने सबसे पहले भारतीय सांख्यिकी संस्थान के साथ कार्य किया और फिर कैम्ब्रिज के एंथ्रोपोलॉजिकल संग्रहालय में अपनी सेवाएं दी। वह भारतीय सांख्यिकी संस्थान के निदेशक सहित कई पदों पर आसीन रहे। मौजूदा समय में वह पेनसेल्विनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर एमिरेटस हैं और बफेलो यूनिवर्सिटी में रिसर्च प्रोफेसर हैं। राव को कई सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें वर्ष 1968 में भारत सरकार से पद्म भूषण और वर्ष 2001 में मिला पद्म विभूषण सम्मान शामिल है।

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