नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर में अब ठंड दस्तक दे चुका है। लोग धीरे धीरे अपने गर्म कपड़ों को निकाल रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच प्रदूषण का भी सामना करना पड़ रहा है। एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक दिल्ली और एनसीआर में 30 नवंबर तक पटाखों की बिक्री और जलाए जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई गई है। लेकिन वायु की गुणवत्ता खराब बनी हुई है।
कई इलाकों में पीएम 2.5, 300 के पार
दिल्ली के अलग अलग इलाकों में हवा में पीएम 2.5 और पीएम 10 के कणों का आवरण है जिसकी वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में दिल्ली सरकार ने एक बार फिर 15 नवंबर से लेकर 30 नवंबर तक रेड लाइट ऑन और गाड़ी ऑफ कैंपेन चलाई जाएगी। इसके लिए 500 मार्शलों की तैनाती भी की जाएगी।
हवा की रफ्तार से मिलेगी राहत
जानकारों का कहना है कि इस समय वायु की रफ्तार कम है लिहाजा धूल के कण वातावरण में सेटल हो गए हैं। वायु की रफ्तार बढ़ने के साथ ये कण छंट जाएगे और थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम विभाग के मुताबिक 12 नवंबर से हवा की रफ्तार में थोड़ी तेजी आएगी और उसके बाद लोगों को सांस लेने में आ रही दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा।
Delhi Pollution: पटाखों की बिक्री और जलाए जाने पर बैन, फिर भी वायु की गुणवत्ता खराब
- Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
- Updated Nov 12, 2020, 09:07 AM IST
दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में वायु की गुणवत्ता खराब बनी हुई है, हालांकि पटाखों की बिक्री और जलाए जाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है।
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