Delhi News: दिल्ली में 375 से ज्यादा घर और भवन जोखिम की श्रेणी में, कभी भी हो सकती हैं अप्रिय घटना

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2022, 01:24 PM IST

Delhi News: एमसीडी ने राजधानी में ऐसे घरों और भवन को चिन्हित किया है, जहां बारिश की वजह से कभी भी कोई जोखिम या फिर अप्रिय घटना हो सकती है। दिल्ली के 375 से ज्यादा घर और भवन जोखिम की लिस्ट में शामिल है।

Delhi News: दिल्ली में 375 से ज्यादा घर और भवन जोखिम की श्रेणी में, कभी भी हो सकती हैं अप्रिय घटना
Photo Credit: Representative Image

Delhi News: राष्ट्रीय राजधानी में मानसून अपनी दस्तक दे चुका है। एक तरफ दिल्ली में मूसलाधार बारिश से लोगों को राहत पहुंच सकती है, लेकिन दूसरी ओर यह बारिश कुछ लोगों के लिए बड़ा संकट भी साबित हो सकती है। एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) ने राजधानी में ऐसे घरों और भवन को चिन्हित किया है, जहां बारिश की वजह से कभी भी कोई जोखिम या फिर अप्रिय घटना हो सकती है। एमसीडी ने ऐसी इमारतों को लेकर एक लिस्ट भी तैयार की है, जिसमें बताया गया है कि जर्जर घरों और भवनों की मरम्मत होनी जरूरी है। 

एमसीडी ने राजधानी के 375 से ज्यादा घरों और भवन को जोखिम की लिस्ट में शामिल किया है। साथ ही बताया है कि इन घरों और भवन को ध्वस्त करने या फिर मरम्मत की जरूरत है। खराब घरों और भवन को लेकर एमसीडी के अधिकारियों ने जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि दिल्ली नगर निगम ने यह लिस्ट उपराज्यपाल वी के सक्सेना के निर्देश पर तैयार की है। 

कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है

अधिकारियों ने बताया है एमसीडी ने जर्जर इमारतों को लेकर एक सर्वेक्षण किया है। इस सर्वेक्षण से पता चला है कि सदर-पहाड़गंज में 112 और सिविल लाइंस इलाके में 101 मकानों का ढांचा खतरनाक स्थिति में हैं। इनकी इमारत कभी भी गिर सकती है और किसी भी तरह की कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। पिछले महीने उपराज्यपाल ने एनडीएमसी (नई दिल्ली नगर निगम) और एमसीडी को बारिश के कारण दिल्ली में ढह जाने वाली इमारतों की पहचान करने के निर्देश दिए थे। 

110 परिसरों को जोखिम इमारत की लिस्ट में शामिल किया

उन्होंने निगम को दिए निर्देश में कहा था कि इन जोखिम भरी इमारतों को या तो ध्वस्त किया जाए या फिर इनकी मरम्मत सुनिश्चित करने की जरूरत है। इस मामले में एनडीएमसी के एक अधिकारी ने बताया है कि जुलाई के पहले हफ्ते तक हुए सर्वेक्षण में 110 परिसरों को जोखिम इमारत की लिस्ट में शामिल किया गया है। आपको बता दें कि जर्जर इमारतों के ढहने की कई घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। 

End of Article