नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर मंगलवार को अजीब सी स्थिति रही। जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी (AAP) ने दावा किया कि सिंघू बॉर्डर पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने बाद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली पुलिस ने घर में नजरबंद कर दिया है, वहीं पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया। शाम को केजरीवाल सामने आए और कहा कि अगर मुझे रोका नहीं जाता तो मैं किसानों के भारत बंद के आह्वान में उनका समर्थन करने जाता। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि भारत बंद सफल रहा। मैंने प्रदर्शनकारी किसानों के लिए प्रार्थना की।
केजरीवाल ने कहा, 'किसान भाईयों को भारत बंद सफल होने की बधाई। मैंने आज सुबह से सेवादार बनकर किसानों के साथ बैठने का तय किया था। लेकिन भाजपा सरकार ने जाने नहीं दिया। न जाने दे, मैं घर से भगवान से प्रार्थना कर रहा था कि किसानों का आंदोलन सफल हो जाए और सरकार उनकी मांगे मान ले।'
उन्होंने कहा कि मैंने योजना बनाई थी कि आज मैं सीएम के रूप में नहीं बल्कि किसानों के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए एक आम आदमी के रूप में सीमा पर जाऊंगा। मुझे लगता है कि उन्हें मेरी योजना के बारे में पता चला और उन्होंने मुझे जाने नहीं दिया।
बीजेपी का पलटवार
AAP के आरोपों पर बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा, 'यह हाउस अरेस्ट नहीं है बल्कि घर में आराम है। हमने पिछली रात के वीडियो फुटेज देखे हैं जिसमें उन्हें देखा जा सकता है। हर कोई जानता है कि वह नाटक में उत्कृष्ट है, मुझे संदेह है कि उनकी डिग्री आईआईटी या एनएसडी की है।' 
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने भी कहा कि AAP के नेता हमेशा की तरह झूठ बोल रहे हैं। वीडिओ में केजरीवाल जी अपने घर से बाहर जाते साफ दिख रहे हैं और दिल्ली पुलिस ने भी स्पष्ट किया है की केजरीवाल जी के बाहर निकलने पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। मतलब वो अपने घर में अपनी मर्जी से छुप कर बैठे हैं।

