Atiq Ahmad murder case : एसआईटी की जांच में नए खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक अस्पताल में अतीक और अशरफ को जब गोली मारी गई तो घटनास्थल के पास दो लोग और मौजूद थे। शूटर जब होटल से अस्पताल जा रहे थे तो रास्ते में उन्हें माइक और फर्जी पहचान पत्र दिए गए। होटल में जब ये तीनों दाखिल हुए तो इनके पास बस एक छोटा सा पिट्ठू बैग था और जब होटल से बाहर निकले तब भी उनके साथ वही बैग था। रास्ते में कोई व्यक्ति इनसे मिला जिसने इन्हें माइक, कैमरा और पहचान पत्र दिया।
शूटरों के साथ दो लोग और थे-सूत्र
बताया जा रहा है कि शूटरों के साथ दो लोग और थे जो साए की तरह उनके साथ घूम रहे थे। इन तीनों शूटरों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था। समझा जाता है कि वही दोनों व्यक्ति मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे और इन्हें निर्देश दे रहे थे। लोकेशन का पता न चल सके शूटर इसलिए भी फोन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। ये दो लोग कौन थे, एसआईटी इसकी जांच बहुत तेजी के साथ कर रही है।
अशरफ के रिश्तेदारों पर कसेगा शिकंजा
यही नहीं यूपी एटीएस अतीक के रिश्तेदारों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एसटीएफ को अशरफ के तीन रिश्तेदारों की तलाश है। STF को अशरफ के तीन रिश्तेदारों गद्दाफी, सद्दाम और जैद की तलाश है। शूटआउट के बाद से ही ये तीनों फरार हैं। ये तीनों अशरफ की बीवी जैनब के भाई हैं। दरअसल, उमेश पाल की हत्या के बाद से ये तीनों फरार हैं। फरार होने के बाद से इनका मोबाइल भी बंद है। ऐसे में यूपी एटीएस को लगता है कि हत्याकांड में इनकी संलिप्तता हो सकती है।
अतीक के 121 गुर्गों को कुंडली खंगाल रही पुलिस
अतीक के बाद यूपी सरकार माफिया के गुर्गों पर अब शिकंजा कसने जा रही है। यूपी सरकार ने 121 गुर्गों की क्राइम कुंडली जारी की है। बताया जा रहा है के ये गुर्गे अतीक के काले साम्राज्य को आगे बढ़ाने एवं लोगों में उसका दहशत पैदा करने के लिए काम करते थे। पुलिस इनकी क्राइम कुंडली खंगालने जा रही है। यही नहीं अतीक के 58 मददगारों की कुंडली भी पुलिस खंगालेगी।
