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जोधपुर में छात्र का अपहरण, इतनी सी बात पर हो गया कांड, देखिए CCTV वीडियो

राजस्थान के जोधपुर से युवक के अपहरण का एक वीडियो सामने आया है। सड़क पर बाइक पार्क करने को लेकर हुई बहस के बाद कार सवार कुछ लोग 12वीं के छात्र को जबरन कार में किडनैप करके ले गए।

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जोधपुर में छात्र का अपहरण

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल
KEY HIGHLIGHTS
  • जोधपुर में युवक का अपहरण
  • मामूली बात पर 12वीं के छात्र को कार में उठा ले गए आरोप
  • घटना का सीसीटीवी वीडियो आया सामने

जोधपुरजोधपुर से हैरान करने वाला एक वीडियो सामने आया है। यहां सड़क पर पार्क की गई बाइक को हटाने लेकर हुई बहस से कार सवार युवक इतने नाराज हो गए । उन्होंने 12वीं के छात्र को सबक सिखाने के लिए उसके साथ मारपीट कर उसको गाड़ी में डाल कर ले गए। पीड़ित युवक ने आरोप लगाया कि गाड़ी में उसे पिस्टल दिखा कर डराया गया और बाद में मिलिट्री हॉस्पिटल के बाहर छोड़कर आरोपी भाग गए।

पीड़ित युवक ने इसको लेकर उदय मंदिर थाने में मामला दर्ज करवाया है। ओल्ड कैम्पस में युवक के साथ हुई मारपीट और उसे गाड़ी में डाल कर ले जाने का सीसीटीवी भी सामने आया है। पुलिस अधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है। बाड़मेर निवासी जीवराज सिंह ने बताया कि पांच जुलाई को पुलिस लाइन के बाहर चाय की टपरी पर बुलेट पर सवार युवकों को उसने बाइक आगे लेने का कहा था। इसको लेकर बहस हुई तो उन्होंने मुझे देख लेने की धमकी दी। इसके बाद में वह करीब तीन बजे अपने दोस्त से मिलने ओल्ड कैम्पस लॉ फैकल्टी गया था, जहां भवानी सिंह शेखावत, प्रदीप सिंह शेखावत, ईश्वर सिंह शेखावत और प्रताप सिंह डेलासर सहित अन्य लोग आए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन लोगों ने उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की और उसे कार में डालकर ले गए। गाड़ी में भी मारपीट की गई और पिस्टल दिखाकर धमकी दी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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