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Sadhvi Prem Baisa : मैं अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं! आखिरी नोट की टाइमिंग पर सवाल? साध्वी प्रेम बाईसा की मौत सुसाइड या हत्या?

Sadhvi Prem Baisa Death: साध्वी की मौत के बाद उन्हें के सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर आए कथित सुसाइड नोट में भी उसी घटना की ओर इशारा किया गया है। साध्वी ने लिखा कि- मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?

Sadhvi Prem Baisa suicide Case

कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा आत्महत्या मामला

Sadhvi Prem Baisa Death : राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम को जोधपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के करीब चार घंटे बाद उनका एक कथित सुसाइड नोट सामने आया। सोशल मीडिया पर पोस्ट हुए उनके कथित 'सुसाइड नोट' में जिस 'अग्निपरीक्षा' का जिक्र था, उसे 6 महीने पहले हुई एक घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि साध्वी ने अपने ही पूर्व स्टाफ पर ब्लैकमेलिंग, चरित्र हनन और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप लगाते हुए बोरानाडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। वे लगातार इस बात से आहत थीं और कई लोगों को पत्र भी लिख चुकी थीं। ऐसे में इस मौत को हत्या या हादसा या आत्महत्या क्या कहा जाए?

जुलाई 2025 में कराई थी एफआईआर

13 जुलाई 2025 को सोशल मीडिया पर साध्वी का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में वे एक व्यक्ति से गले मिलते नजर आ रही थीं। बाद में उसी वीडियो को अश्लील बताकर प्रचारित किया गया, जिससे साध्वी काफी परेशान थीं। उन्होंने 16 जुलाई 2025 को बोरानाडा थाने में इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अपनी एफआईआर में बताया था कि वीडियो में दिखने वाला शख्स उनके पिता वीरमनाथ (गुरुजी) हैं। यह वीडियो 2021 का था, जब वे अवसाद में थीं और पिता ने उन्हें ढांढस बंधाया था।

ब्लैकमेलिंग और 20 लाख की मांग

पुलिस जांच और साध्वी की शिकायत के अनुसार, इस साजिश के पीछे उनके ही पूर्व स्टाफ सदस्य थे। इनमें साउंड सिस्टम लगाने का काम करने वाला जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (29), पूर्व ड्राइवर रमेश, कृष्णा (जोगेंद्र की पत्नी) और दो अन्य लोग शामिल थे। साध्वी ने आरोप लगाया था कि जोगेंद्र ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे से इसे निकाला था। इसके बाद उसने और उसके साथियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 20 लाख रुपये की मांग की। जब साध्वी ने पैसे देने से इनकार किया तो उन्होंने 13 जुलाई 2025 को वीडियो को एडिट करके सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिसकी शिकायत के बाद बोरानाडा पुलिस ने मुख्य आरोपी जोगेंद्र उर्फ जोगाराम (निवासी सांईयो का तला, बाड़मेर) को 20 जुलाई 2025 को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस पूछताछ में जोगेंद्र ने कबूला था कि वो साध्वी से रंजिश रखता था। बदला लेने के लिए ड्राइवर रमेश की मदद से उसने वीडियो चुराया था। उसका मकसद न केवल पैसे ऐंठना था, बल्कि साध्वी की भागवत कथाओं को रद्द करवाना भी था। वह आयोजकों को यह वीडियो दिखाकर भ्रमित करता था, जिससे कई कार्यक्रम रद्द भी हुए।

साध्वी ने कहा था- मैं अग्निपरीक्षा के लिए तैयार

तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि आरोपियों ने बाप-बेटी के रिश्ते को गलत तरीके से पेश कर साध्वी की छवि को धूमिल किया। साध्वी ने उस समय कहा था-इन लोगों ने भगवे पर कलंक लगाया है। मैं अपनी सच्चाई साबित करने के लिए अग्निपरीक्षा देने को तैयार हूं।

सुसाइड नोट में भी उसी घटना की ओर इशारा

बुधवार को साध्वी की मौत के बाद उन्हें के सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर आए कथित सुसाइड नोट में भी उसी घटना की ओर इशारा किया गया है। साध्वी ने लिखा कि- मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि गिरफ्तारी के बाद क्या हुआ? क्या जमानत पर छूटने के बाद आरोपी फिर से साध्वी को परेशान कर रहे थे? सुसाइड नोट और मौत की टाइमिंग पर भी सवाल हैं? क्या यह पोस्ट साध्वी ने पहले से शेड्यूल की थी, या उनकी टीम ने उनकी मौत के बाद 'सच्चाई' सामने लाने के लिए इसे पोस्ट किया? फिलहाल, पुलिस साध्वी की मौत को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है और पुलिस सभी पहलु को देखकर जाँच मे जटी है

गुरुवार को पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि साध्वी को बुखार था। आश्रम में ही किसी कपांउर को बुलाकर इंजेक्शन लगवाया था। उसी वक्त वे निढाल हो गईं थीं।

सुसाइड नोट में क्या लिखा?

'पूज्य सभी संतों को प्रणाम' मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया दुनिया में सनातन धर्म से बड़ा कोई धर्म से नहीं है। आज अंतिमश्वास तक मेरे दिल में सनातन ही है। मेरा सौभाग्य है कि मैंने सनातन धर्म में जन्म लिया और अंतिम श्वास भी सनातन के लिए ली। मेरे जीवन में आदि जगतगुरु शंकराचार्य भगवान, विश्व योग गुरुओं व पूज्य संत महात्माओं का हर पल आशीर्वाद रहा। मैंने आदि गुरू शंकराचार्य और देश के कई महान संत महात्माओं को लिखित पत्र लिखा। अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया, लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा लेकिन ईश्वर और पूज्य संत महात्माओं पर पूर्ण भरोसा है मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा।

बरहाल पुलिस पोस्टमार्टम करवाएगी और हर एंगल से जाच भी कर रही सुसाइड नोट मौत से पहले का है या बाद का यह भी एक सवाल है जिसकी पुलिस जांच कर रही और हर कड़ी से कड़ी को जोड़ कर देख रही है की यह वाकई मे सुसाइड है या हत्या है? जिसका पुलिस जल्द खुलासा करेंगी पोसमार्टम खुलासे के बाद पुलिस एक नतीजे पर पहुचे अभी तक यह मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।

लखवीर सिंह शेखावत
लखवीर सिंह शेखावत author

पत्रकारिता में पिछले सात साल से सक्रिय हैं, वर्तमान में टाइम्स नाउ में राजस्थान ब्यूरो हेड हैं। इससे पहले, ज़ी मीडिया और न्यूज़18 नेटवर्क के राजस्थान ... और देखें

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