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बिहार के मुजफ्फरपुर में मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर बने निशाना, पुलिस की छापेमारी में 13 गिरफ्तार

सूचनाओं की पुष्टि के बाद, एक विशेष टीम का गठन किया गया और कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की गई। इस अभियान में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

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प्रतीकात्मक AI Image

मुजफ्फरपुर में एक विशेष पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर और नगर थाना क्षेत्रों में कई संदिग्ध स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह छापेमारी मसाज सेंटरों और ब्यूटी पार्लरों की आड़ में चल रही कथित अवैध गतिविधियों की सूचना के बाद की गई। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 12 महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ की जा रही है और जांचकर्ता कथित नेटवर्क की प्रकृति और सीमा का पता लगाने में जुटे हैं।

शहर के एसडीपीओ सुरेश कुमार के अनुसार, पुलिस को कुछ समय से शहर के प्रमुख इलाकों में कुछ प्रतिष्ठानों में संदिग्ध अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी।सूचनाओं की पुष्टि के बाद, एक विशेष टीम का गठन किया गया और कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की गई। इस अभियान में बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मियों ने भाग लिया।

संदिग्ध गतिविधियों में एक महिला ब्यूटी पार्लर संचालक की भूमिका की भी जांच

पुलिस संदिग्ध गतिविधियों में एक महिला ब्यूटी पार्लर संचालक की भूमिका की भी जांच कर रही है।जांचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि क्या इस अभियान का कांति थाना क्षेत्र में दर्ज अपहरण और गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों से कोई संबंध है।लापता व्यक्तियों के परिवारों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस को कुछ सुराग मिले। इन सुरागों के आधार पर कुछ ब्यूटी पार्लरों और मसाज सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

अभियान के दौरान कई लापता लड़कियों को बचाया गया

इस अभियान के दौरान कई लापता लड़कियों को बचाया गया, और जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे छापेमारी वाले स्थानों पर कैसे पहुंचीं।शुरुआती पूछताछ में कथित तौर पर यह जानकारी मिली है कि कैसे कमजोर महिलाओं और लड़कियों को इस कथित नेटवर्क में शामिल किया गया होगा।

क्या संदिग्ध गिरोह को किसी और से सहायता या संरक्षण प्राप्त था?

पुलिस को संदेह है कुछ व्यक्तियों को आश्रय, वित्तीय सहायता या अन्य सहायता का वादा करके अवैध गतिविधियों में घसीटा गया होगा।अधिकारी इन आरोपों को तथ्यों के रूप में मानने के बजाय दस्तावेजी और अन्य सबूतों के आधार पर इनकी पुष्टि कर रहे हैं।पुलिस की जांच अब कथित मुख्य संचालकों और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर केंद्रित है। जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या संदिग्ध गिरोह को किसी और से सहायता या संरक्षण प्राप्त था। एसडीपीओ सुरेश कुमार ने कहा कि पूछताछ जारी है और जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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