Prayagraj: प्रयागराज के भारतगंज नगर पंचायत में स्थित राम जानकी और बूढ़ेनाथ मंदिर पर कब्जे को लेकर मामला गर्म हो उठा है। आरोप है कि दो दर्जन से अधिक लोगों ने मंदिर पर हमला करके इसपर कब्जा करने को कोशिश की है, जिसमें कुछ गैर समुदाय के लोग भी शामिल हैं। इस मामले में पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
क्या है वादी पक्ष का दावा
दरअसल वादी पक्ष कृष्ण गोपाल और सतीश बहल ने पुलिस में शिकायत देकर कहा है कि बूढ़ेनाथ मंदिर और राम जानकी मंदिर उनके पूर्वजों की है और उन्हीं की पैतृक संपत्ति पर बनी है। उनका परिवार वर्षों से यहां अपने अराध्य की अराधना करते रहा है। अब इसके सौंदर्यीकरण के बहाने कुछ लोग इसे कब्जा करने की फिराक में हैं। इसी क्रम में 24 दिसंबर 2023 को आमिर शकील टंकी, जमीर अहमद, मनोज सेठ, गुलाब शंकर प्रजापित समेत करीब दो दर्जने लोगों ने मंदिर पर धावा बोल दिया और ताला तोड़कर इस पर कब्जा करने का प्रयास किया।
'रची जा रही है साजिश'
वादी पक्ष का दावा है कि कुछ स्थानीय लोगों ने साजिश रच कर अधिकारियों को गुमराह किया और नवंबर 2023 में बिना संपत्ति मालिक को सूचित किए वंदन योजना के अंतर्गत एक करोड़ छह लाख रुपये की लागत से निजी संपत्ति बाबा बूढ़ेनाथ मंदिर का सौंदर्यकरण के लिए चयन करा दिया। जिसके बाद जिलाधिकारी प्रयागराज ने प्रमुख सचिव नगर विकास उत्तर प्रदेश को मंदिर के लिए एक करोड़ छह लाख रुपये का प्रस्ताव भी भेजा दिया। संपत्ति के मालिक कृष्ण गोपाल और सतीश बहल को जब इस पूरे षड्यंत्र की जानकारी अखबार की खबर के माध्यम से लगी तो इन्होंने तुरंत इसकी शिकायत जिलाधिकारी प्रयागराज और उत्तर प्रदेश शासन से की। साथ ही लिखित में अपना मत दिया कि वो अपनी निजी संपत्ति में सरकार की कोई योजना या मदद नहीं चाहते। जिसके बाद साजिशकर्ताओं ने बौखला कर यह हमला किया है।
