फिर हुई मानवता शर्मसार...सरपंच चुनाव लड़ने का ऐसा खुमार की बाप ने उतारा बेटी को मौत के घाट
- Edited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Feb 2, 2026, 11:08 PM IST
महाराष्ट्र से एक बेहद सनसनीखेज और अमानवीय मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय निकाय चुनाव में उतरने की योग्यता हासिल करने के लिए एक व्यक्ति पर अपनी ही नाबालिग बेटी की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। इस चौंकाने वाली घटना ने सत्ता की लालसा और इंसानियत के पतन को उजागर कर दिया है।
सत्ता की भूख में पिता बना कातिल
Maharashtra News: महाराष्ट्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने की पात्रता हासिल करने के लिए एक व्यक्ति ने अपनी ही मासूम बेटी की कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने तीन बच्चों में से एक को इसलिए मार डाला क्योंकि महाराष्ट्र में दो से अधिक संतान होने पर व्यक्ति स्थानीय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाता है।
पुलिस ने बताया कि 28 वर्षीय आरोपी महाराष्ट्र के नांदेड जिले के मुखेड तालुका स्थित केरुड गांव का निवासी है। वह 29 जनवरी को अपनी छह साल की बेटी को बाइक पर लेकर तेलंगाना के निजामाबाद जिले की ओर गया और सीमा क्षेत्र में स्थित एक नहर में बच्ची को फेंक दिया। बाद में नहर में बच्ची का शव दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मामला सामने आया। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
मामले की जांच जारी
तेलंगाना के निजामाबाद के पुलिस आयुक्त पी. साई चैतन्य ने जानकारी दी कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा साझा की गई बच्ची की तस्वीर देखकर मुखेड क्षेत्र के कुछ लोगों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस दल ने संबंधित गांव पहुंचकर पुष्टि की कि मृत बच्ची नांदेड जिले के केरुड गांव की निवासी थी। पुलिस आयुक्त के अनुसार, जांच में सामने आया है कि बच्ची का पिता मुखेड में एक सैलून संचालित करता था और वह अपनी पत्नी, दो बेटों और एक बेटी के साथ रहता था।
यह कोशिश नाकाम रही
पुलिस के अनुसार आरोपी की मंशा महाराष्ट्र में होने वाले आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए किस्मत आजमाने की थी। लेकिन नियमों के तहत दो से अधिक संतान होने पर पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है, जिस कारण वह अयोग्य हो जाता। इसी को देखते हुए गांव के वर्तमान सरपंच ने उसे अपने किसी एक बच्चे को गोद देने की सलाह दी थी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने इस रास्ते से पात्र बनने के लिए अपने बेटे के जन्म प्रमाण पत्र में बदलाव कराने की भी कोशिश की। इसके लिए वह पुणे महानगरपालिका कार्यालय तक गया, लेकिन वहां उसकी कोशिश नाकाम रही।
हत्या करने के बाद दिखाया लापता
इसके बाद आरोपी ने एक और खौफनाक योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक उसने तय किया कि अपने तीन बच्चों में से एक की हत्या कर उसे लापता दिखाया जाएगा। इसी योजना के तहत वह अपनी बेटी को बाइक पर बैठाकर निजामाबाद ले गया और अपने पैतृक गांव से करीब 90 किलोमीटर दूर एक नहर में फेंक दिया, जिससे बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि जांच के आधार पर आरोपी के साथ-साथ गांव के मौजूदा सरपंच को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
(इनपुट - भाषा)