क्राइम

जिस राजू पाल हत्याकांड में फंसा है अतीक अहमद, उसी के मुख्य गवाह उमेश पाल को दिन दहाड़े गोलियों से भून दिया गया

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Feb 24, 2023, 10:46 PM IST

पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके भाई व पूर्व विधायक अशरफ 2005 में हुई राजू पाल की हत्या के मुख्य आरोपी हैं। सभी आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। उमेश पाल इसी हत्याकांड का मुख्य गवाह था, जिसकी शुक्रवार को हत्या की गई है। इस हत्याकांड में भी शक की सुई अतीक अहमद की ओर ही जा रही है।

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राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या (फोट- PTI&Twitter)

जिस केस में यूपी का बाहुबली नेता या फिर माफिया डॉन कहे जाने वाले अतीक अहमद सलाखों के पीछे हैं, उसी हत्याकांड के मुख्य गवाह की शुक्रवार को प्रयागराज में गोलियों से भून दिया गया है। मारा जाने वाला शख्स उमेश पाल, बसपा नेता राजू पाल की हत्याकांड का मुख्य गवाह था। अतीक अहमद के खिलाफ बोलने के लिए इसे कई बार धमकी भी मिल चुकी थी।

कहां मारी गई गोली

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार को गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इस हत्या के दौरान जमकर गोलियां बरसाईं गईं और पूरे इलाके में बम मार मारकर धुआं-धुआं कर दिया गया।

कोर्ट की सुनवाई से आ रहे थे वापस

घटना के समय उमेश पाल कोर्ट से एक सुनवाई में भाग लेकर वापस लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी घर के पास पहुंची और वो गाड़ी से उतरे, उनपर गोलियों की बौछार हो गई। जब उनके गनर ने हमलावर को रोकने की कोशिश की, तो उसे भी गोली मार दी गई। उमेश पाल को पास दो गनर थे, जिसमें से एक की इस हमले में मौत हो गई है और दूसरे की स्थिति गंभीर है।

कौन थे राजू पाल

राजू पाल 2005 के विधानसभा चुनाव में इलाहाबाद पश्चिम सीट से बसपा के टिकट पर विधायक बने थे। तब उन्होंने उस सीट से अतीक अहमद के भाई अशरफ को हरा दिया था, जिस सीट से अतीक अहमद पहले विधायक थे। इसी हार का बदला लेने के लिए जीत के कुछ दिनों बाद ही राजू पाल की हत्या कर दी गई। उन्हें दिन दहाड़े गोली मारी गई थी। इस मामले में अतीक अहमद को ही आरोपी बनाया गया है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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