Karni Sena chief Sukhdev Singh Gogamedi Murder Case: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने राजस्थान पुलिस के साथ मिलकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमुख सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में उनकी कथित भूमिका के लिए चंडीगढ़ से दो शूटरों सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एक टीम ने राजस्थान पुलिस के साथ एक संयुक्त अभियान में दो कथित हत्यारों, राजस्थान के जयपुर निवासी रोहित राठौड़ और हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी नितिन फौजी को चंडीगढ़ के सेक्टर 22 से गिरफ्तार किया। एक अन्य सहयोगी उधम सिंह को भी पकड़ लिया गया। पुलिस ने सुखदेव सिंह गोगामेडी के दो कथित हत्यारों की पहचान की थी और उनकी गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 5 लाख रुपए नकद इनाम की घोषणा की थी।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की दिनदहाड़े हत्या
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की 5 दिसंबर को जयपुर में उनके घर के लिविंग रूम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एक सीसीटीवी कैमरे का फुटेज सामने आया था जिसमें कथित तौर पर हमलावरों को उन पर गोलियां चलाते हुए दिखाया गया था। एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक आरोपी को आगे की पूछताछ के लिए जयपुर पुलिस को सौंप दिया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान पुलिस ने 11 सदस्यीय स्पेशल जांच दल का गठन किया था।
कौन हैं रामवीर जाट और नितिन फौजी?
शनिवार को जयपुर में गोगामेड़ी की हत्या के लिए शूटरों को सुपारी देने के आरोप में एक अन्य व्यक्ति रामवीर जाट को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक गोगामेड़ी हत्याकांड के साजिशकर्ताओं में से एक रामवीर ने हत्या से पहले जयपुर में अपने दोस्त फौजी के लिए तैयारी की थी। जयपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर कैलाश चंद्र बिश्नोई ने कहा कि आरोपी रामवीर शूटर फौजी का करीबी दोस्त है। रामवीर और फौजी पड़ोसी गांवों में रहते थे और दोनों ने महेंद्रगढ़ के एक स्कूल में 12वीं कक्षा में एक साथ पढ़ाई की। 12वीं कक्षा पास करने के बाद फौजी 2019-20 में भारतीय सेना में ज्वाइन कर लिया। वहीं रामवीर ने 2017 से 2020 के बीच विल्फ्रेड कॉलेज, मानसरोवर जयपुर से बीएससी और 2021 से 2023 के बीच विवेक पीजी कॉलेज, कालवाड़ रोड, जयपुर से एमएससी (गणित) की पढ़ाई की है। रामवीर अप्रैल 2023 में अपने एमएससी का अंतिम पेपर देने के बाद गांव चला गया। फौजी छुट्टी पर घर आया था। बिश्नोई ने बताया कि 9 नवंबर को फौजी और उसके साथियों ने महेंद्रगढ़ थाना सदर की पुलिस पर फायरिंग की और फरार हो गए। इसी दौरान 19 नवंबर को फौजी ने अपने दोस्त रामवीर को जयपुर भेजा।
