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Kanpur Crime: भांजे के प्रेम में पत्नी ने पति को दी दर्दनाक मौत, शव गलाने के लिए डाला 12 किलो नमक फिर बगीचे में दफनाया

कानपुर के सचेंडी में अवैध संबंधों के चलते महिला लक्ष्मी ने अपने भांजे अमित के साथ मिलकर पति शिवबीर सिंह की हत्या कर दी। दोनों ने पहले पति को नशीली दवा पिलाई, फिर साबड़ से सिर कुचलकर मार डाला और शव को बगीचे में 12 किलो नमक डालकर दफना दिया। 10 महीने तक पत्नी ने परिवार को झूठ बोलकर गुमराह किया कि पति नौकरी के लिए गुजरात गए हैं। बहन की शिकायत पर जांच में खुलासा हुआ और पुलिस ने लक्ष्मी व अमित को गिरफ्तार कर लिया।

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कानपुर में पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की।(फोटो सोर्स: iStock)

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Woman Murder Husband In Kanpur: कानपुर के सचेंडी में भांजे से अवैध संबंधों के चलते महिला ने पति की निर्मम हत्या कर दी। । महिला ने अपने प्रेमी भांजे के साथ मिलकर पति की साबड़ से सिर कूच कर मार डाला। इतना ही नहीं हत्याकांड के बाद घर के पीछे बगीचे में उसका शव दफन कर दिया। शव को गलाने के लिए दोनों ने मिलकर 12 किलो नमक डालकर दफन कर दिया था। अब 10 महीने बाद बहन ने गुमशुदगी दर्ज कराई तो इस हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस ने हत्यारोपी पत्नी और उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया है।

मूलरूप से बांदा के मवई घाट व वर्तमान में सचेंडी के लालूपुर गांव के रहने 50 साल शिवबीर सिंह गुजरात में प्राइवेट नौकरी करते थे। मृतक शिवबीर की बहन कांती ने पुलिस बताया कि 6 साल पहले शिवबीर पत्नी व बच्चों के साथ गांव में रहने के लिए आया था। गांव में मकान न होने के कारण भांजे अमित ने अपने घर के सामने उन्हें जगह दी थी, जहां शिवबीर झोपड़ी बनाकर मां सावित्री, पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। इस दौरान अमित के अपनी मामी लक्ष्मी से प्रेम संबंध हो गए थे।

लक्ष्मी ने पति के चाय में मिलाई नशीली गोलियां

ग्रामीणों से भांजे और पत्नी के अवैध संबंधों की जानकारी होने पर शिवबीर शराब पीकर पत्नी संग मारपीट करता था। जिस पर लक्ष्मी ने पति को रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी भांजे के साथ उसकी हत्या का प्लान तैयार किया। 1 नवंबर 2024 की रात लक्ष्मी ने पूरे परिवार को चाय में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दी। परिजनों के बेसुध होने के बाद लक्ष्मी ने अमित को बुलाया और शिवबीर के सिर पर साबड़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

हत्या करने बाद आरोपियों ने उसके शव को घर से 500 मीटर की दूरी पर हरिपाल और देवपाल के बगीचे में दफना दिया था। सुबह सोकर उठे बच्चों ने पिता के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने बताया कि नौकरी के लिए फोन आ गया था, जिस पर शिवबीर देर रात गुजरात के लिए रवाना हो गए।

पिता के बार में लक्ष्मी ने बेटे से कहा झूठ

5 नवंबर को शिवबीर का बड़ा बेटा आनंद नौकरी करने राजस्थान चला गया था। इस दौरान आनंद ने मां लक्ष्मी को फोन कर कई बार पिता के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उनकी बात हो गई है, वह ठीक हैं। आनंद ने मां से पिता का नंबर मांगा तो उसने बताया कि फैक्ट्री में फोन पर बात करने की अनुमति नहीं है, उनका मोबाइल नंबर भी नया है, इसलिए उसे याद भी नहीं है। आनंद ने रक्षाबंधन पर घर आने के लिए मां को फोन किया।

इस दौरान उसने पिता का मोबाइल नंबर मांगते हुए उन्हें भी साथ लाने की बात कही, जिस पर लक्ष्मी ने दो माह से शिवबीर से बात न होने की बात कही। मां सावित्री ने बताया कि कई बार उन्होंने भी बेटे के बारे में पूछा तो लक्ष्मी ने लगातार बात होने की जानकारी दी थी।

पुलिस की पूछताछ में लक्ष्मी ने उगले सारे राज

मृतक की बहन ने 19 अगस्त को दर्ज कराई गुमशुदगी आनंद के गांव पहुंचने पर उसने बुआ कांति को पूरी बात बताई। परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई की शिवबीर की बहन कांति ने सचेंडी थाने में 19 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच शुरू हुई तो पुलिस को शिवबीर के घर से 500 मीटर दूर रहने वाले भांजे अमित और लक्ष्मी के प्रेम संबंधों की जानकारी हुई। पुलिस ने लक्ष्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो वह टूट गई और उसने पति की हत्या की बात कबूली। हत्याकांड की बात सुन पुलिस सन्न रह गई, पुलिस ने अमित को हिरासत में लिया।

ACP शिखर कुमार ने बताया कि हत्यारोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 10 माह बाद बगीचे में खोदाई शुरू की तो वहां से शिवबीर के कंकाल के कुछ अवशेष, बनियान व गले का लॉकेट मिला। परिजनों ने लॉकेट से पहचान कर शव की शिनाख्त की।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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