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Sidhi Crime News: पति ने हेड कॉन्स्टेबल पत्नी को बेरहमी से मार डाला, बेटी बोली- पापा को तड़प-तड़प के मरते देखना चाहती हूं

मध्य प्रदेश के सीधी में एक पति अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर फरार हो गया । मृतका की बेटी ने अपने पिता के लिए फांसी की मांग की है जिससे वो भी मम्मी की तरह तड़प तड़प कर मरे।

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सीधी : पति ने पत्नी को बेरहमी से मार डाला

Sidhi Crime News: मध्य प्रदेश के सीधी में एक हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां अवैध संबंधों के शक में कमर्जी थाने में कार्यरत प्रधान आरक्षक की उसके पति ने बेरहमी से हत्या कर दी। घटना के बाद पति मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। मृतका की बेटी ने अपने पिता के लिए फांसी की मांग की है जिससे वो भी मम्मी की तरह तड़प तड़प कर मरे। यह पूरी घटना सोमवार की रात की है।

सीधी के कोतवाली थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन कॉलोनी के जी 7 ब्लॉक में पति वीरेंद्र साकेत ने अपने ही पत्नी प्रधान आरक्षक सविता साकेत की अवैध संबंधों के शक में बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक सविता साकेत वर्तमान में कमर्जी थाना में, प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थी जिनकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी। पति जलसंसाधन विभाग में ड्राइवर था जो खुद की गाड़ी चलाता था।

मृत महिला के दो बच्चे हैं एक बेटी की उम्र 20 वर्ष है जबकि बेटा 22 साल का है जो इंदौर में पढ़ाई करता है । बेटी घटना के समय अपने ननिहाल में थी। घटना को लेकर बेटी आंचल ने बताया कि मम्मी पापा का विवाद बीते 4 सालों से चल रहा है। उसने कहा कि मैं होती तो शायद यह घटना ना होती, पापा मम्मी पर अवैध संबंधों को लेकर शक करते थे, मम्मी पुलिस में है ड्यूटी करती थीं।

बेटी ने बताया कि कभी कभार देर रात होने पर शक करते थे और विवाद करते थे। बेटी बोली कि पापा को फांसी की सजा होनी चाहिए जैसे मेरी मम्मी तड़प तड़प के मरी है, इस तरह उसको भी तड़प-तड़प के मरना देखना चाहती हूं। घटना के बाद मौके पर सीधी पुलिस अधीक्षक सहित कोतवाली पुलिस पहुंची, और जांच पड़ताल में जुट गई है। आरोपी घटना के तुरंत बाद फरार हो गया जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। रीवा जोन के डीआईजी हेमन्त सिंह चौहान ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है।

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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