Hathras Stampede: हाथरस भगदड़ कांड का मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। देव प्रकाश मधुकर पर एक लाख रुपये का इनाम था। हाथरस भगदड़ कांड में 123 लोगों की मौत हो गई है। देव प्रकाश मधुकर के वकील ने उनके आत्मसमर्पण का दावा किया था, जबकि हाथरस के एसपी के अनुसार मधुकर को रेड करके दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि यूपी पुलिस ने घेराबंदी करके टेक्निकल सर्विलेंस के जरिए इसकी गिरफ्तारी की है। हाथरस पुलिस सुबह प्रेस कांफ्रेंस करके इसकी गिरफ्तारी और रोल का खुलासा करेगी।
मधुकर के एसपी का दावा
एक वीडियो संदेश में मधुकर के वकील ए पी सिंह ने दावा किया कि उनके मुवक्किल ने दिल्ली में आत्मसमर्पण कर दिया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। सिंह ने कहा, ‘‘आज हमने देवप्रकाश मधुकर का आत्मसमर्पण करा दिया है, क्योंकि उनका यहां इलाज चल रहा था, इसलिए दिल्ली में पुलिस, एसआईटी और एसटीएफ को बुलाया गया। हमने वादा किया था कि हम अग्रिम जमानत के लिए आवेदन नहीं करेंगे, क्योंकि हमने कुछ गलत नहीं किया है। हमारा अपराध क्या है? वह एक इंजीनियर और हृदय रोगी हैं। चिकित्सकों ने कहा कि उनकी हालत अब स्थिर है और इसलिए हमने जांच में शामिल होने के लिए आज आत्मसमर्पण कर दिया।"
घटना के बाद से था फरार
अलीगढ़ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक शलभ माथुर ने गुरुवार को हाथरस पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सत्संग के प्रभारी देव प्रकाश मधुकर (इंजीनियर) के नाम पर सत्संग के लिए अनुमति मांगी गई थी। वह एफआईआर में नामजद होने के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है और गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं।
बाबा साकार हरि के कार्यक्रम में मची थी भगदड़
बता दें कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश के हाथरस में बाबा साकार हरि का सत्संग आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वैसे प्रशासन की ओर से 80 हजार लोगों को मंजूरी मिली थी, लेकिन कार्यक्रम में ढाई लाख से भी ज्यादा लोग शामिल हो गए। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब लोगों के बाहर जाने का वक्त आया तो भगदड़ मच गई। अब तक भगदड़ के असल कारण सामने नहीं आ सके हैं।
