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Ghazipur Gangster case: माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को 10 साल जेल की सजा, साथ ही 5 लाख रुपए जुर्माना

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Oct 27, 2023, 04:05 PM IST

Ghazipur Gangster case: गाजीपुर गैंगस्टर मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

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मुख्तार अंसारी को 10 साल की जेल

Ghazipur Gangster case: गाजीपुर गैंगस्टर मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा मुख्तार के साथ दूसरे आरोपी सोनू यादव को पांच साल की सजा और दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया। मुख्तार अंसारी पर गैंगेस्टर मामले में26 अक्टूबर को MP-MLA कोर्ट ने दोषी करार दिया था। 2009 में हुई हत्या और हत्या के प्रयास का मामले में सजा सुनाई गई। 2009 में करंडा थाना क्षेत्र के कपिलदेव सिंह की हत्या हुई थी। 2009 में ही मुहम्मदाबाद थाना क्षेत्र के मीर हसन ने मुख्तार अंसारी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कराया गया था। दोनों मामलों को मिलाकर 2010 में केस बनाया गया था। सजा पर मुख्तार ने कोर्ट से कहा कि जज साहब इस मामले से मेरा कोई सरोकार नहीं है। मैं तो 2005 से जेल में बंद हूं। मुख्तार के वकील लियाकत ने कहा कि हम हाई कोर्ट में अपील करेंगे और उम्मीद है कि हमें न्याय जरूर मिलेगा।

तीसरे गैंगस्टर केस में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को 10 साल की सजा मिली है। एमपी-एमएलए कोर्ट से पहले गैंगस्टर के दो मामले में भी मुख्तार अंसारी को 10-10 साल की सजा हो चुकी है। गैंगस्टर में पहली सजा वाराणसी में अवधेश राय हत्या कांड हुई। जबकि दूसरी वाराणसी के ही कोयला व्यवसायी और हिंदूवादी नेता नंदकिशोर रूंगटा अपहरण कांड के गैंगस्टर मामले में 10 साल की सुनाई गई थी।

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) बांदा जेल में बंद है। सुनवाई के दौरान वह वहीं से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुआ। जबकि सोनू यादव कोर्ट में हाजिर हुआ। दोषी करार दिये जाने के बाद सोनू यादव को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया और जेल भेज दिया गया। मुख्तार टेंशन में नजर आ रहा था।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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