क्राइम

फिल्मी हस्तियों से मिलाने के बहाने यौन उत्पीड़न, युवती ने की आत्महत्या; परिजनों ने लगाए ये आरोप

हरियाणा के फरीदाबाद निवासी युवती को मुंबई में फिल्मी हस्तियों से मिलाने का लालच देकर यौन शोषण किया गया। आरोप है कि दुष्कर्म के आरोपियों पर पुलिस की ओर से कार्रवाई न होने पर पीड़िता ने जहर खाकर जान दे दी।

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(सांकेतिक फोटो)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

फरीदाबाद : यौन उत्पीड़न की शिकार एक 22 वर्षीय युवती ने जहरीला पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। पीड़ित परिवार ने पलवल थाना कैम्प पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि उनकी बेटी को मुंबई में फिल्मी सितारों से मिलवाने के बहाने उसके साथ कई बार रेप किया गया। परिजनों का कहना है कि कार्रवाई में हीलाहवाली होने पर उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली।

विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी

मामला बीते रोज दोपहर करीब 12 बजे का है। जब युवती ने अपने ही घर में विषाक्त पदार्थ खाकर खुदकुशी कर ली। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। हालांकि, परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरु दी गई है।

एसीपी अशोक वर्मा ने बताया कि पीड़िता ने जहर खाकर आत्महत्या की है। दरअसल मृतका की मां के द्वारा दी गई शिकायत में आरोप लगाया गया है की पलवल पुलिस को कुछ समय पहले उनकी बेटी ने यौन शोषण की शिकायत दी थी, जिस पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और लगातार आरोपी पक्ष उसके ऊपर समझौते का दबाव बना रहा था। उसे डराया धमकाया जा रहा था, इसी से तंग आकर उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली है। फिलहाल, शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। जल्द ही पूरे मामले में कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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