असली अधिकारी नहीं, ठग निकला 'IT ऑफिसर'; व्यापारी से की 30 लाख की मांग; फिर ओवर-एक्टिंग ने खोल दी पोल
- Reported by: लखवीर सिंह शेखावतEdited by: शिव शुक्ला
- Updated Feb 8, 2026, 09:31 PM IST
सूरत में एक व्यक्ति ने खुद को आयकर अधिकारी बताकर व्यापारी से ₹30 लाख मांगने की कोशिश की, हालांकि, बातचीत के दौरान आरोपी की भाषा, हाव-भाव से व्यापारी को शक हो गया। इसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
ओवर एक्टिंग से पकड़ा गया नकली अफसर विजयसिंह चौहान
गुजरात के सूरत शहर में आयकर विभाग का अधिकारी बनकर व्यापारियों से रंगदारी वसूलने वाले एक शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान के पाली जिले के बीजापुर निवासी 51 वर्षीय विजय सिंह रावतसिंह चौहान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी टाई-कोट, ब्रांडेड एविएटर चश्मा और आयकर विभाग से जुड़ी फाइलें लेकर खुद को क्लास-वन अधिकारी बताकर बाजार में घूम रहा था।
घटना सूरत के वराछा इलाके स्थित ग्लोबल टेक्सटाइल मार्केट की है, जहां आरोपी एक दुकान में पहुंचा और टैक्स अनियमितता का हवाला देकर व्यापारी से ₹30 लाख की मांग की। बाद में सौदेबाजी के दौरान यह रकम घटाकर ₹4 लाख तय की गई। हालांकि, बातचीत के दौरान आरोपी की भाषा, हाव-भाव और जरूरत से ज्यादा रौब झाड़ने की कोशिश ने व्यापारी को शक में डाल दिया।
ओवर-एक्टिंग बनी गिरफ्तारी की वजह
व्यापारी ने तुरंत वराछा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और पैसे लेने के लिए तय किए गए स्थान ब्लीस होटल के आसपास निगरानी शुरू की। तय समय पर जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत रंगदारी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितने व्यापारियों को इसी तरह निशाना बनाया।
टैक्स सिस्टम की जानकारी का किया गलत इस्तेमाल
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी 1989 में स्नातक (ग्रेजुएट) है और राजस्थान के पाली क्षेत्र में टैक्स से जुड़े कुछ काम पहले कर चुका है। इसी अनुभव के कारण उसे आयकर विभाग की कार्यप्रणाली, नोटिस और कार्रवाई की बुनियादी जानकारी थी, जिसका उसने गलत इस्तेमाल किया। पूछताछ में आरोपी ने खुद को आयकर विभाग का ‘इन्फॉर्मर’ भी बताया है, हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि कर रही है।
फिल्मी अंदाज में डराने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, विजय चौहान खुद को असली अधिकारी साबित करने के लिए पूरी तैयारी के साथ आता था। आंखों पर एविएटर गॉगल्स, सलीके से बंधी टाई, प्रेस किया हुआ कोट और हाथ में आयकर विभाग की फाइलें, उसका हर अंदाज वरिष्ठ अधिकारी जैसा दिखाने की कोशिश था। वह दुकानों में घुसते ही ऊंची आवाज में बात कर दबाव बनाता था, ताकि व्यापारी डरकर पैसे दे दें।
पहले भी लड़ चुका है चुनाव
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी वर्ष 2008 में बाली विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव भी लड़ चुका है। वराछा पुलिस अब आरोपी के मोबाइल, दस्तावेजों और संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह ठगी का नेटवर्क कितना बड़ा है और क्या इसमें कोई और व्यक्ति भी शामिल है।
