क्राइम

Delhi: 54 साल का चपरासी निकला हैवान, नशा देकर MCD स्कूल की 5 साल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Mar 24, 2023, 09:35 AM IST

Delhi Crime : पुलिस के मुताबिक गैंगरेप की यह घटना 14 मार्च की है। दुष्कर्म के बाद नाबालिग छात्र ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। वह फाइनल परीक्षा में भी शामिल नहीं हुई। एमसीडी का कहना है कि उसने स्कूल के प्रिंसिपल एवं तुरंत कार्रवाई न करने को लेकर क्लास टीचर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया।

Photo : PTI

Delhi Crime : दिल्ली में अपराध की रोंगटे खड़े कर देने वाली एक शर्मनाक घटना हुई है। यहां एमसीडी के एक स्कूल में कार्यरत चपरासी अपने हैवानियत पर उतर आया। उसने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एक मासूम छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया। पीड़ित छात्रा कक्षा पांच में पढ़ती है। पुलिस का कहना है कि छात्रा का गैंगरेप करने से पहले उसे नशीला पदार्थ खिलाया गया। पुलिस ने चपरासी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके अन्य साथियों की तलाश कर रही है।

गाजियाबाद में रहता है चपरासी

चपरासी की पहचान अजय के रूप में हुई है। वह मूल रूप से यूपी के जौनपुर का है जो कि गाजियाबाद में रहता है। पुलिस उसके अन्य साथियों को पकड़ने में जुटी है। वह एमसीडी के इस स्कूल में बीते 10 सालों से चपरासी के रूप में काम करता है। इस जघन्य घटना पर दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस और एमसीडी को नोटिस जारी किया है।

14 मार्च की है यह जघन्य घटना

पुलिस के मुताबिक गैंगरेप की यह घटना 14 मार्च की है। दुष्कर्म के बाद नाबालिग छात्र ने स्कूल जाना बंद कर दिया था। वह फाइनल परीक्षा में भी शामिल नहीं हुई। एमसीडी का कहना है कि उसने स्कूल के प्रिंसिपल एवं तुरंत कदम न उठाने पर क्लास टीचर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

परीक्षा में शामिल नहीं हुई छात्रा

छात्रा के परीक्षा में शामिल नहीं होने पर स्कूल ने जब परिवार से संपर्क किया तो यह मामला सामने आया। लड़की के भाई ने स्कूल के टीचर को घटना के बारे में बताया। शिकायत के मुताबिक आरोपी छात्रा को अज्ञात स्थान पर ले गए और उसे नशीला पदार्थ देकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

आरोपियों पर पॉक्सो कानून के तहत केस दर्ज

पुलिस ने बताया कि गाजीपुर थाने में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 363 (अपहरण), 328 (अपराध करने के इरादे से जहर आदि के माध्यम से चोट पहुंचाना), 376 डी (सामूहिक दुष्कर्म) और 506 (आपराधिक धमकी) तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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