विकास दुबे की संपत्तियों पर कसेगा शिकंजा, ED ने शुरू की जांच, मांगा ब्योरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 11, 2020, 12:16 PM IST

ED begins probe into properties of Vikas Dubey: विकास दुबे की संपत्तियों पर जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय का शिकंजा कसने लगा है। जांच एजेंसी ने विकास की संपत्तियों की जानकारी मांगी है।

विकास दुबे की संपत्तियों पर कसेगा शिकंजा, ED ने शुरू की जांच, मांगा ब्योरा
Photo Credit: ANI

नई दिल्ली : हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के मारे जाने के बाद उसकी संपत्तियों पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसने लगा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गैंगस्टर की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है। विकास की मौत शुक्रवार को कानपुर में पुलिस मुठभेड़ में हुई। जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश पुलिस से विकास दुबे, उसके परिजनों एवं सहयोगियों की संपत्ति का ब्योरा मांगा है। एजेंसी ने विकास दुबे के खिलाफ आपराधिक मामलों की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है। पुलिस ने शनिवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दो लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर विकास के दो सहयोगियों के छिपाने का आरोप है। 

बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या
बता दें कि गत दो जुलाई को कानपुर के बिकरू गांव में विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर आठ पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस की ये टीम उसे पकड़ने के लिए गई थी। अभी तक की जांच में सामने आया है कि चौबेपुर थाना के एसएचओ विनय तिवारी ने इस दबिश की सूचना विकास को पहले दे दी जिसके बाद हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों को बुलाकर हमले की साजिश रची। इन पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद वह अपने साथियों के साथ फरार हो गया।

उज्जैन के महाकाल मंदिर के पास हुआ गिरफ्तार
इस हत्याकांड के बाद यूपी पुलिस ने विकास को पकड़ने के लिए करीब 60 टीमें गठित कीं और उसे दबोचने के लिए छापेमारी शुरू की। इस दौरान विकास तो नहीं मिली लेकिन उसके छह साथी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए। विकास की अंतिम लोकेशन हरियाणा के फरीदाबाद में मिली थी। इसके अगले दिन वह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में नजर आया। मंदिर में विकास के नजर आने के सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद उज्जैन से विकास को कानपुर लाने के लिए यूपी एटीएस की एक टीम रवाना हुई।

पुलिस का दावा-भागने की कोशिश में था विकास
पुलिस का कहना है कि वह जब विकास को लेकर आ रही थी तो कानपुर में उसके काफिले में शामिल एक वाहन पलट गया। इस वाहन में विकास और अन्य पुलिसकर्मी मौजूद थे। इस हादसे में पुलिसकर्मी घायल हो गए जबकि विकास मौके का फायदा उठाकर भागने लगा। पुलिस का दावा है कि विकास ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल भी छीना था और पुलिस ने जब उसे रोकना चाहा तो उसने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस फायरिंग में वह जख्मी हुआ। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि, डॉक्टरों का दावा है कि उसे मृत हालत में अस्पताल लाया गया। 

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