Kanpur Encounter : हमीरपुर में मारा गया विकास दुबे का करीबी सहयोगी अमर दुबे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 8, 2020, 09:03 AM IST

Vikas Dubey closed aid Amar Dubey killed : उत्तर प्रदेश पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के करीबी सहयोगी अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया है। अमर हमीरपुर में बुधवार सुबह मारा गया।

Kanpur Encounter : हमीरपुर में मारा गया विकास दुबे का करीबी सहयोगी अमर दुबे
Photo Credit: Times Now

लखनऊ : कानपुर मुठभेड़ केस में उत्तर प्रदेश पुलिस हिस्ट्रशीटर विकास दुबे के करीबियों पर शिकंजा कसती जा रही है। अब यूपी पुलिस ने हमीरपुर जिले के मौदाहा में विकास के करीबी सहयोगी अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया है। अमर भी हिस्ट्रीशीटर और वांछित अपराधी है। उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बुधवार तड़के हुई मुठभेड़ में इस शातिर अपराधी को ढेर कर दिया। बिकरू गांव में गुरुवार रात आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने के बाद विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरार है। पुलिस विकास को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही है। कानपुर मुठभेड़ केस में अमर भी आरोपी था।

वांछित अपराधियों की सूची में टॉप पर था अमर का नाम
कानपुर मुठभेड़ के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने अति वांछित अपराधितयों की एक सूची मंगलवार को जारी की और इस सूची में अमर दुबे का नाम पहले नंबर पर था। घटना के बाद फरार विकास को पकड़ने के लिए 40 पुलिस थानों की 25 टीमें लगातार अलग-अलग जगहों पर छापे मार रही हैं लेकिन विकास अभी भी उनकी पकड़ से बाहर है। पुलिस को मंगलवार शाम खबर मिली कि विकास अपने गुर्गों के साथ फरीदाबाद के होटल में छिपा हुआ है।

विकास की तलाश में फरीदाबाद में रेड
विकास के छिपने की सूचना मिलने पर यूपी पुलिस की एक टीम सादे कपड़ों में होटल में पहुंची लेकिन इसके पहले विकास जैसा दिखने वाला व्यक्ति वहां से जा चुका था। पुलिस ने होटल का सीसीटीवी फुटेज खंगाला तो उसमें रिसेप्शन पर विकास जैसा दिखने वाला एक व्यक्ति खड़ा दिखा। माना जा रहा है कि यह विकास ही था। फुटेज में इस व्यक्ति ने अपने चेहरे पर मॉस्क लगा रखा है। पुलिस ने होटल से दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ कर रही है।

विकास का रिश्तेदार हिरासत में
इस बीच यूपी एसटीएफ ने कानपुर में विकास दुबे के एक रिश्तेदार को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक प्रतिमा मैथ्यू ने बताया, 'यूपी एसटीएफ की टीम राजू निगम की तलाश में आई थी। निगम रिश्ते में विकास का साला लगता है। टीम पूछताछ के लिए उसके बेटे को लेकर गई है। आज निगम और उसकी पत्नी हमारे पास आए और पुलिस जांच में सहयोग करने की बात कही।' विकास के बारे में सुराग पाने के लिए यूपी पुलिस ने उसके सिर पर ढाई लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। 

विकास को दबिश की जानकारी पहले मिल गई थी  
पुलिस ने इस मामले में विकास के करीबी सहयोगी दयाशंकर अग्निहोत्री को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दयाशंकर ने सनसनीखेज खुलासे किए। उसने बताया कि बिकरू गांव में पुलिस की दबिश के बारे में जानकारी विकास को पहले हो गई थी। दयाशंकर ने बताया है कि चौबेपुर पुलिस थाने से किसी व्यक्ति ने फोन पर विकास को सूचना दी कि उसे पकड़ने के लिए रात में पुलिस की टीम उसके गांव जाएगी। इसके बाद विकास सतर्क हो गया और अपने गुर्गों को बुलाकर पुलिस टीम पर हमले की साजिश रची।  
 

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