क्राइम

मदरसों में पढ़ाई या फिर कोई साजिश रची जा रही? भारत नेपाल सीमा के पास फोर्स का ताबड़तोड़ एक्शन, खुले कई राज

उत्तर प्रदेश का श्रावस्ती जिला नेपाल सीमा से सटा हुआ है, यहां कई गैर मान्यता प्राप्त मदरसे का पता चला है, जिसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई कर रही है। ऐसे ही एक मदरसे से संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं।

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श्रावस्ती में भारत-नेपाल सीमा के पास बने मदरसे पर छापे के दौरान पुलिस

नेपाल की सीमा से सटे यूपी के श्रावस्ती जिले में मदरसों के खिलाफ एक्शन जारी है। पहले ही 68 गैर मान्यता प्राप्त संदिग्ध मदरसे बंद किए जा चुके हैं। अब सोमवार को एक ऐसे ही मदरसे पर छापे के दौरान जो कुछ मिला है, उससे प्रशासन भी हैरत में है कि मदरसे में पढ़ाई हो रही थी या फिर कोई साजिश रची जा रही थी।

मदरसे में मिला संदिग्ध सामान

श्रावस्ती में भारत नेपाल सीमा से चंद कदम की दूरी पर चल रहे इस मदरसे में संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने की आशंका है। मदरसे में छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंट्स, बड़ी संख्या में मोबाईल, सिम, लैपटॉप और प्रोजेक्टर मिले हैं। इसकी सूचना जब जिला अधिकारी तक पहुंची तो तो SP और बड़ी संख्या में फोर्स मौके पर पहुंचे और जांच में जुट गए।

कहां है ये मदरसा

रिपोर्ट्स के अनुसार मदरसे में महिलाओं के यूज करने वाले सेनेटरी पैड और इस्लामी झंडा भी मिली है। भारत नेपाल सीमा स्थित भरथा रोशनगढ़ के हकीम गांव में यह मदरसा स्थिति है। यहां मिली संदिग्ध वस्तुओं को जब्त कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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