दिवंगत अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने DDCA अध्यक्ष पद का नामांकन भरा, ये वादा भी किया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 7, 2020, 11:07 PM IST

Rohan Jaitley, DDCA President election: दिवंगत अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने डीडीसीए के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन भर दिया है। उन्होंने इसके साथ ही एक वादा भी किया है।

दिवंगत अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने DDCA अध्यक्ष पद का नामांकन भरा, ये वादा भी किया

नई दिल्ली: दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के पुत्र रोहन दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) का अगला अध्यक्ष बनने को तैयार हैं और उन्होंने भ्रष्टाचार व विवादों से भरी संस्था में ‘अनावश्यक खर्चों’ को रोकने का वादा किया है। अध्यक्ष पद के लिये नामांकन भरने के अंतिम दिन रोहन ने अपने पिता के नक्शेकदमों पर चलते हुए इस पद के लिये नामांकन भरा। पता चला है कि उन्हें संघ में सभी बड़े गुटों का सहयोग प्राप्त है। उनके पिता का पिछले साल निधन हो गया था।

रोहन ने औपचारिकतायें पूरी करने के बाद बातचीत के दौरान पीटीआई से कहा, ‘‘हां, मैंने आज अपना नामांकन भरा है। मैं दिल्ली क्रिकेट की बेहतरी के लिये काम करना चाहूंगा और हर किसी से यही करना पसंद करूंगा।’’ उम्मीद की जा रही है कि 31 वर्षीय रोहन डीडीसीए में सभी विरोधी गुटों की सर्वसम्मत पसंद होंगे। जब उनसे यह पूछा गया तो वह हंसने लगे। पेशे से वकील रोहन ने कहा, ‘‘मुझे मुकाबले से कोई परेशानी नहीं है। यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिये अच्छा है। आइडिया यह है कि अच्छे लोगों को सही समय पर लाया जाये ताकि संतुलन और नियंत्रण बना रहे।’’

अपनी योजनाओं के बारे में बताया

उनकी योजनाओं के बारे में पूछने पर रोहन काफी स्पष्ट थे कि वे क्या हासिल करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पहला आइडिया एक ‘विजन डाक्यूमेंट’ लाने का है और साथ ही जरूरी संतुलन व नियंत्रण बनाने का है ताकि हम सही दिशा में आगे बढ़ें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं अखंडता, टेक्नॉलाजी के कुछ क्षेत्रों पर काम करूंगा और खेल प्रबंधन के साथ खेल क्लबों और बुनियादी ढांचों को भी अहमियत दूंगा।’’

रुके हुए भुगतान का क्या?

सहयोगी स्टाफ के रुके हुए भुगतान और मुकदमों पर जो करोड़ों में खर्चा हो रहा है, उसका क्या? उन्होंने कहा, ‘‘मैं इन मुद्दों को तभी निपटा सकता हूं जब मैं पदभार संभाल लूं। मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि कोई भी गैर जरूरी खर्चा नहीं होगा। केवल वैध खर्चों को ही वहन किया जायेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने मुकदमे के खर्चों के बारे में खबर पढ़ी थी। मैं सभी से संघ की बेहतरी के लिये काम करने का आग्रह करूंगा।’’

डीडीसीए में हमेशा रही है गुटबंदी

वो पहली बार क्रिकेट प्रशासन में प्रवेश करेंगे और डीडीसीए में कई विरोधी गुट हैं, जिनमें विनोद तिहाड़ा गुट, एसपी बंसल गुट और सीके खन्ना गुट इनमें से कुछ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘गुटबंदी हमेशा से डीडीसीए में रही है। अगर आप सर्वसम्मति बनाने को देखोगे तो मैं इसे अलग नजरिये से देखना चाहूंगा। प्रत्येक ग्रुप में अच्छे लोग हैं। अच्छे लोगों को विभिन्न पदों के लिये चुना जाना चाहिए ताकि वे सभी योगदान कर सकें।’’ रोहन ने कहा, ‘‘मैं मदन लाल से बात कर रहा था। वह कह रहे थे कि हमें एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है और मैंने कहा कि हमें प्रत्येक में से सर्वश्रेष्ठ निकालना होगा। क्रिकेट सुधार समिति होनी चाहिए और सुधारों का रिकार्ड होना चाहिए।’’

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