George Garton IPL debut, RCB vs RR: आईपीएल 2021 का आयोजन इस बार दो चरण में हुआ है। पहला चरण भारत में खेला गया जबकि दूसरा चरण इस समय यूएई में खेला जा रहा है। दो चरण में होने की वजह से कई खिलाड़ियों ने दूसरे चरण से अपना नाम वापस ले लिया। इनमें अधिकतर खिलाड़ी विदेशी थे। इस कड़ी में कई टीमों को विकल्प के तौर पर नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल करना पड़ा। रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने भी कुछ खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया और इन्हीं में से एक हैं जॉर्ज गार्टन (George Garton) जिन्होंने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में अपना आईपीएल डेब्यू किया है।
विराट कोहली की टीम में आईपीएल 2021 के दूसरे चरण के लिए कई विदेशी खिलाड़ियों को विकल्प के तौर पर टीम में एंट्री दी है। तेज गेंदबाज जॉर्ज गार्टन की भी किस्मत खुल गई है। बुधवार को उन्हें आईपीएल में पहली बार मैदान पर उतरने का मौका मिला। टीम के स्टार कीवी गेंदबाज काइल जेमीसन की जगह जॉर्ज गार्टन को उतारने का फैसला लिया गया, जो कि एक बड़ा कदम कहा जा सकता है। जेमीसन आरसीबी के सबसे महंगे खिलाड़ियों में से एक हैं।

कौन हैं जॉर्ज गार्टन?
आइए अब जानते हैं कि 24 वर्षीय जॉर्ज गार्टन आखिर कौन हैं। जॉर्ज गार्टन का जन्म 15 अप्रैल 1997 को इंग्लैंड में ससेक्स के ब्राइटन में हुआ था। वो एक बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं और उनकी रफ्तार विरोधी टीम के बल्लेबाजों को परेशान करने वाली मानी जाती है उन्होंने। अब तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तो नहीं खेला है लेकिन 38 टी20 मैचों में 44 विकेट ले चुके हैं। हाल ही में इंग्लैंड में आयोजित हुए 100 बॉल क्रिकेट- 'द हंड्रेड' टूर्नामेंट और इंग्लैंड के वाइटैलिटी ब्लास्ट टी20 में भी वो छाए रहे थे।
पहली गेंद पर लिया था विकेट
जॉर्ज गार्टन ने अपने प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की पहली ही गेंद पर विकेट लेने का कमाल किया था। वो काउंटी क्रिकेट में अपने डेब्यू के बाद से ही सबकी नजरों में आ गए थे और आलम ये था कि काउंटी डेब्यू के चार महीने के अंदर उनको इंग्लैंड लायंस की तरफ से पाकिस्तान-ए और श्रीलंका-ए टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिल गया। वो इंग्लैंड की अंडर-19 टीम का भी हिस्सा रह चुके हैं और बांग्लादेश में आयोजित हुए 2015 टी20 विश्व कप में भी खेल चुके हैं।

सामान उठाने से लगी थी गंभीर चोट
साल 2018 में जॉर्ज गार्टन को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था जब अमेरिका के लॉस एंजेलिस एयरपोर्ट पर फ्लाइट पकड़ने की हड़बड़ी में उन्होंने अपना भारी सूटकेस उठाया और इसी चक्कर में चोटिल हो बैठे। उनका वो साल बेकार चला गया था। अगले साल वो लौटे और प्रथम श्रेणी क्रिकेट में विकेटों के साथ-साथ नंबर.9 पर बल्लेबाजी करते हुए दो अर्धशतक भी जड़े। वो खुद को ऑलराउंडर मानते हैं।

