'सुबह 5 बजे तक पंखे को लगातार देखता रहा, लगा मेरा करियर खत्‍म हो गया': विराट कोहली ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 5, 2022, 01:32 PM IST

Virat Kohli's press conference: अर्शदीप सिंह ने पाकिस्‍तान के आसिफ अली का कैच टपकाया। इसके बाद से वो आलोचकों के निशाने पर हैं। युवा क्रिकेटर का बचाव करते हुए विराट कोहली ने अपना उदाहरण देते हुए 2009 का एक किस्‍सा साझा किया।

'सुबह 5 बजे तक पंखे को लगातार देखता रहा, लगा मेरा करियर खत्‍म हो गया': विराट कोहली ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा

दुबई: टीम इंडिया को रविवार को एशिया कप 2022 के सुपर-4 राउंड में पाकिस्‍तान के हाथों पांच विकेट की शिकस्‍त का सामना करना पड़ा। भारत ने पहले बल्‍लेबाजी करके 181/7 का स्‍कोर बनाया। जवाब में पाकिस्‍तान ने एक गेंद शेष रहते पांच विकेट खोकर लक्ष्‍य हासिल किया। भारतीय टीम को टूर्नामेंट में पाकिस्‍तान पर लगातार दूसरी जीत का भरोसा था। हालांकि, ऐसा नहीं हो सका। मोहम्‍मद रिजवान (71) और मोहम्‍मद नवाज (42) ने पाकिस्‍तान को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

इस बीच एक ऐसी घटना घटी, जिसके बाद युवा क्रिकेटर अर्शदीप सिंह आलोचकों के निशाने पर आ गए। पारी के 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर अर्शदीप ने शॉर्ट थर्ड मैन पर आसिफ अली का आसान कैच टपका दिया। इसके बाद से अर्शदीप सिंह आलोचनाओं से घिरे हुए हैं। भारत के स्‍टार बल्‍लेबाज विराट कोहली ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में युवा क्रिकेटर का बचाव करते हुए अपना खुद का उदाहरण दिया।

कोहली ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'कोई भी गलती कर सकता है। यह बड़ा मैच था और स्थिति काफी कड़ी थी। मुझे याद है जब मैं पहली बार चैंपियंस ट्रॉफी में खेल रहा था, तो हमारा पहला मुकाबला पाकिस्‍तान से था। मैंने शाहिद अफरीदी की गेंद पर बेहद खराब शॉट खेला था। मैं उस दिन सुबह 5 बजे तक पंखे को देखता रहा। मैं सो नहीं पाया था। मुझे लगा कि अब मुझे मौका नहीं मिलेगा और मेरा करियर समाप्‍त। तो यह सब चीजें नेचुरल हैं। मगर हमें तगड़ी वापसी करने की जरुरत है। जब टीम का माहौल अच्‍छा हो तो आपको सीखने को मिलता है।'

विराट कोहली ने रोहित शर्मा और टीम प्रबंधन को टीम का सकारात्‍मक माहौल सुनिश्चित करने का श्रेय दिया। उन्‍होंने कहा, 'मैं प्रबंधन और कप्‍तान को श्रेयस देना चाहूंगा। उन्‍होंने ऐसा माहौल बनाया है, जिससे सभी को सुरक्षित महसूस होता है। उन्‍होंने गलती करेंगे। इसे स्‍वीकार करें और दोबारा इस तरह के दबाव वाली स्थिति आने पर ध्‍यान दीजिए।'

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