'तीन मैचों में ही धमाल मचा डाला', 5 हार के बाद जीत मिली तो कप्तान श्रेयस ने इस खिलाड़ी को बताया 'फ्यूचर स्टार'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 3, 2022, 06:30 AM IST

Shreyas Iyer on KKR vs RR Match: कोलकाता ने राजस्थान के खिलाफ आखिरी ओवर में जीत हासिल की। जानिए, जीत के बाद कोलकाता के कप्तान श्रेयस अय्यर ने क्या कुछ कहा?

'तीन मैचों में ही धमाल मचा डाला', 5 हार के बाद जीत मिली तो कप्तान श्रेयस ने इस खिलाड़ी को बताया 'फ्यूचर स्टार'

कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल 2022 में सोमवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 7 विकेट से जीत हासिल की। केकेआर को लगातार पांच हार के बाद यह जीत नसीब हुई है। आरआर ने 153 रन का टारगेट दिया था। जवाब में कोलकाता ने 19.1 ओवर में 3 विकेट गंवाकर 158 रन बनाए। मैच में कप्तान श्रेयस अय्यर (32 गेंदों में 37), नितीश राणा (37 गेंदों में नाबाद 48) और रिंकू सिंह (23 गेंदों में नाबाद 42) ने अहम पारियां खेलीं। हालांकि, रिंकू की पारी काफी खास रही, जिसके चलते उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। 

रिंकू 13वें ओवर में उस वक्त बल्लेबाजी के लिए उतरे जब टीम रनों लिए जूझ रही थी और जीत 61 रन दूर थी। उन्होंने दबाव में राजस्थान के गेंदबाजों का बखूबी सामना किया और आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने अपनी पारी में 6 चौके और 1 छक्का लगाया। उन्होंने राणा के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 66 रन की अटूट साझेदारी की। रिंकू की बल्लेबाजी की कप्तान अय्यर ने की जमकर तारीफ की और उन्हें केकेआर का फ्यूचर स्टार करार दिया। 

मैच के बाद अय्यर ने कहा कि रिंकू टीम के लिए काफी अहम है। मैंने टीम के अपने साथियों से कह रहा था कि वह धैर्य के साथ खेल रहा है और खुद पर दबाव को हावी नहीं होने दे रहा है। उसने केवल तीन मैच ही खेले हैं और धमाल मचा डाला है। वह भविष्य में फ्रेंचाइजी के लिए एक बड़े एसेट की तरह है। रिंकू जिस तरह से अपनी पारी की शुरुआत करता है, वह न्यूकमर बिलकुल नहीं लगता।

अय्यर ने साथ ही अपने गेंदबाजों की खूब प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पावरप्ले में हमारे गेंदबाजों ने सिर्फ 36 रन दिए और एक विकेट लिया। यह वो शुरुआत थी, जिसकी हमें जरूरत थी। उमेश यादव ने अपनी गति बढ़ाई है और वह कठिन लेंथ से गेंदबाजी करते हैं। एक कप्तान के रूप में आपको उन्हें सिर्फ गेंद देनी होती है। वहीं, जब मैं सुनील नरेन को गेंद देता हूं तो वह विकेट निकालकर देते हैं। बल्लेबाज उनके खिलाफ चांस नहीं लेते। वह बहुत किफायती बॉलर हैं। उन्हें जब विकेट मिलता है तो बड़ा विकेट मिलता है। 

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