SA vs IND: ऋषभ पंत ने सबसे तेज पूरा किया यह अनोखा 'शतक', तोड़ डाला अपने आदर्श एमएस धोनी का रिकॉर्ड

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 28, 2021, 09:19 PM IST

Rishabh Pant fastest indian wicketkeeper to complete 100 dismissals: टीम इंडिया के विकेटकीपर ऋषभ पंत ने जैसे ही टेंबा बावुमा का कैच पकड़ा तो एमएस धोनी और ऋद्धिमान साहा दोनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। पंत अब इस रिकॉर्ड के नए शहंशाह बन गए हैं।

SA vs IND: ऋषभ पंत ने सबसे तेज पूरा किया यह अनोखा 'शतक', तोड़ डाला अपने आदर्श एमएस धोनी का रिकॉर्ड

सेंचुरियन: ऋषभ पंत ने विकेटकीपर के रूप में सबसे तेज 100 शिकार करने का नया भारतीय रिकॉर्ड स्‍थापित कर दिया है। पंत ने अपने करियर के 26वें टेस्‍ट में 100 शिकार करके एमएस धोनी और ऋद्धिमान साहा द्वारा संयुक्‍त रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। पंत ने बॉक्सिंग डे टेस्‍ट के तीसरे दिन मोहम्‍मद शमी की गेंद पर टेंबा बावुमा का कैच पकड़कर अपना 100वां शिकार पूरा किया। पंत को बॉक्सिंग डे टेस्‍ट में अपने आदर्श धोनी का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तीन शिकार करने की जररूत थी।

भारतीय गेंदबाजों ने तीसरे दिन दक्षिण अफ्रीकी बल्‍लेबाजों पर अपना दबदबा बनाया और पंत ने इस बीच गजब की उपलब्धि हासिल की। बता दें कि भारतीय टीम की पहली पारी 327 रन पर ऑलआउट हुई थी। जवाब में दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 197 रन पर ऑलआउट हुई। इस तरह भारत को पहली पारी के आधार पर 130 रन की बढ़त मिली। पंत ने बावुमा, डीन एल्‍गर और वियाल मुल्‍डर के कैच लेकर अपने 100 शिकार पूरे किए।

पंत ने जहां 26वें टेस्‍ट में अपने 100 शिकार पूरे किए, वहीं इससे पहले यह रिकॉर्ड एमएस धोनी और ऋद्धिमान साहा के नाम संयुक्‍त रूप से दर्ज था। धोनी और साहा दोनों ने अपने करियर के 36वें टेस्‍ट में 100 शिकार पूरे किए थे। इस मामले में तीसरे स्‍थान पर किरण मोरे (39 टेस्‍ट), चौथे पर नयन मोंगिया (41 टेस्‍ट) और पांचवें स्‍थान पर सैयद किरमानी (42 टेस्‍ट) काबिज हैं।

वैसे, विकेटकीपर के रूप में सबसे ज्‍यादा शिकार करने का भारतीय रिकॉर्ड पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी के नाम दर्ज है। धोनी ने कुल 294 शिकार किए। इसके बाद दूसरे नंबर पर सैयद किरमानी (198), तीसरे नंबर पर किरण मोरे (130), चौथे नंबर पर नयन मोंगिया (107) और पांचवें नंबर पर ऋद्धिमान साहा (104) काबिज हैं।

बता दें कि ऋषभ पंत ने 2018 अपना टेस्‍ट डेब्‍यू किया था। उन्‍होंने अपने करियर के पहले ही साल में गजब की उपलब्धि हासिल करते हुए इंग्‍लैंड और ऑस्‍ट्रेलिया में शतक ठोके थे। हालांकि, इसके बाद उनके फॉर्म में गिरावट आई और उनकी विकेटकीपिंग शैली पर भी सवाल खड़े हुए। पंत ने पिछले साल ऑस्‍ट्रेलिया दौरे पर दोबारा टेस्‍ट टीम में अपनी जगह स्‍थायी की और इसके बाद से टीम के नियमित सदस्‍य बने। जहां पंत ने बल्‍ले से कमाल दिखाया, वहीं विकेटकीपिंग में भी उन्‍होंने गजब का सुधार दिखाया।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!