CCTV Mandatory in School Vehicles: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर एक बड़ा फैसला लिया है। स्कूली वाहनों के आए दिन होने वाले हादसों को देखते हुए सरकार ने प्रदेश में स्कूल वाहनों में सीसीटीवी कैमरे को अनिवार्य कर दिया है। परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव ने इस नियम से जुड़े आदेश जारी किए हैं। इस काम के लिए सभी स्कूल और वाहन संचालकों को तीन माह का समय दिया गया है। इस तीन माह के भीतर ही सभी वाहन संचालकों को बसों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने होंगे।
मोटर वाहन नियमावली में पहले से नियम
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव ने जो आदेश जारी किया है उसके मुताबिक अब सभी वाहन संचालकों को सीसीटीवी कैमरे लगवाना अनिवार्य हो जाएगा। बता दें कि, मोटर वाहन नियमावली में ये नियम पहले से ही मौजूद हैं। हालांकि मोटर वाहन नियमावली की शर्तों का पालन करते हुए बहुत से स्कूल वाहनों में पहले से ही कैमरे लगे हुए हैं। सरकारी आदेश के बाद अब छोटी-बड़ी हर स्कूल बस को तीन माह के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगवाना अनिवार्य हो जाएगा। तीन माह की इस समय सीमा के भीतर जिन वाहनों ने सीसीटीवी नहीं लगवाए उनके लिए फिलहाल कार्रवाई जैसी कोई बात अभी सामने नहीं आई है। कहा जा रहा है कि, सरकार के इस नियम के बाद से हर तरह से बच्चों पर और सड़क हादसे की वजह पर नजर रखी जा सकेगी।
वाहन नियम कानून भी जान लीजिए
उत्तर प्रदेश मोटर वाहन नियम 1998 के मुताबिक, स्कूल बस और वैन पीले रंग से युक्त होने चाहिए। इसके अलावा स्कूल बस में आगे और पीछे दोनों ओर 'स्कूल बस' अवश्य लिखा होना चाहिए। स्कूल बस जैसे वाहनों में प्रेशर हॉर्न और मल्टी टोन हॉर्न लगाने पर पूर्णतया प्रतिबंध है। वाहनों में जीपीएस ट्रैकिंग, अग्निशामक यंत्र और एक परिचालक की अनिवार्यता के साथ इनमें अलार्म या सायरन लगाने पर मनाही है।
