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वैशाली में कैसे हुआ नाव हादसा? बच्चों के माता-पिता ने सुनाई आपबीती, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

वैशाली नाव हादसे में बचे छह बच्चों ने टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में घटना की जानकारी दी। शुरुआती जांच में नाव पर क्षमता से अधिक बच्चों के सवार होने और सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठे हैं।

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वैशाली नाव हादसे के बाद लाइफ जैकेट और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Photo : Times Now Digital

Vaishali Boat Accident: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में हुए भीषण नाव हादसे के मामले में नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से बातचीत में हादसे में जान गंवाने वाले मृतकों के परिजनों ने इस पूरी खौफनाक घटना की आपबीती सुनाई है।मृत बच्चों के माता-पिता ने बताया कि बच्चे घरवालों को बिना बताए भोज में शामिल होने निकले थे। इस भयानक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सभी 13 बच्चे थे, जिनके घरों में अब मातम पसरा हुआ है।

घरवालों को बताए बिना भोज खाने निकले थे बच्चे

हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के माता-पिता ने बताया कि उनके बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। छुट्टी होने के बाद वे घर में किसी को बताए बिना चुपचाप नाव से भोज खाने के लिए निकल गए थे। परिवारों को हादसे की जानकारी तब मिली, जब घटना के बाद इलाके में हंगामा मचना शुरू हुआ। बच्चों के अचानक लापता होने और फिर हादसे की खबर मिलने से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

नाव में क्षमता से अधिक बच्चे सवार

शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के मुताबिक यह हादसा गंभीर लापरवाही और ओवरलोडिंग के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार, करीब 15 से 20 बच्चे एक छोटी नाव पर सवार होकर जलभराव वाले क्षेत्र यानी ढाब के दूसरी ओर एक स्थानीय भोज में शामिल होने जा रहे थे। क्षमता से अधिक भार होने के कारण नाव बीच मझधार में असंतुलित होकर पलट गई। पानी की गहराई और बच्चों के तैरने में सक्षम नहीं होने के कारण कई बच्चे खुद को बचा नहीं सके और डूब गए।

सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी

इस रूट पर लगातार सुरक्षा उपायों और लाइफ जैकेट की कमी पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ग्रामीण इलाकों में बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के इस तरह की जोखिम भरी नावें चलाई जा रही हैं। हालांकि, हादसे के सभी कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

नाव हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों की पहचान

  • सोनू कुमारी — 13 साल
  • अलीशा कुमारी — 14 साल
  • दुल्लर कुमारी — 13 साल
  • मीरा कुमारी — 8 साल
  • गोरेलाल कुमार — 6 साल
  • आर्यन कुमार — 8 साल
  • बंटी कुमार — 4 साल
  • पिंकी कुमारी — 13 साल
  • कुमारी निशु — 14 साल
  • अंकिता कुमारी — 14 साल
  • अंकी कुमारी — 10 साल
  • अमृता कुमारी — 7 साल
  • नमन कुमार — 7 साल

राघोपुर नाव हादसे में बच्चों की मौत के बाद स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और नाव संचालन के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में 13 बच्चों की मौत का आंकड़ा बताया गया है। वहीं 6 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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