SBI Fixed Deposit: अगर आपके पास 2 लाख रुपये की बचत है और आप तय रिटर्न वाला विकल्प चाहते हैं तो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर विचार कर सकते हैं। देश का सबसे बड़ा पब्लिक सेक्टर बैंक एसबीआई एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। एफडी स्कीम में आप एक निश्चित अवधि के लिए पैसा जमा कर ब्याज कमा सकते हैं। हालांकि, 2 लाख के निवेश के लिए एफडी की अवधि मायने रखेगी।
जरूरत के हिसाब से चुनें अवधि
SBI में आप अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग अवधि की FD चुन सकते हैं। अवधि तय करते समय ध्यान दें कि पैसे की जरूरत कब पड़ सकती है। ब्याज दर जमा की अवधि के हिसाब से बदलती है, इसलिए सिर्फ दर देखकर फैसला न करें। इसके अलावा, यह भी समझें कि सामान्य नागरिकों और सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दरें अलग हो सकती हैं।
2 लाख रुपये की FD पर कितना रिटर्न मिलेगा?
अगर आप 2 लाख रुपये की FD 1 साल के लिए करवाते हैं तो 6.25% दर पर सामान्य नागरिक को मैच्योरिटी पर करीब 2,12,796 और 6.75% दर पर वरिष्ठ नागरिक को 2,13,846 मिल सकते हैं। इसी तरह, जैसे-जैसे निवेश की अवधि बढ़ती जाएगी वैसे-वैसे एफडी पर मिलने वाला रिटर्न भी बढ़ता जाएगा। 10 साल की निवेश अवधि में आपका यही पैसा सामान्य नागिरकों के लिए बढ़कर 3,64,595 रुपये और सीनियर सिटीजन के लिए 4,02,291रुपये हो जाएगी।
| निवेश की राशि | एफडी अवधि | सामान्य नागरिक ब्याज | सामान्य नागरिक मैच्योरिटी | सीनियर सिटीजन ब्याज | सीनियर सिटीजन मैच्योरिटी |
| 2 लाख रुपये | 1 साल | 6.25% | 2,12,796 रुपये | 6.75% | 2,13,846 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 2 साल | 6.40% | 2,27,080 रुपये | 6.90% | 2,29,325 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 3 साल | 6.30% | 2,41,253 रुपये | 6.80% | 2,44,839 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 4 साल | 6.30% | 2,56,814 रुपये | 6.80% | 2,61,918 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 5 साल | 6.05% | 2,70,035 रुपये | 7.05% | 2,83,652 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 6 साल | 6.05% | 2,86,747 रुपये | 7.05% | 3,04,184 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 7 साल | 6.05% | 3,04,493 रुपये | 7.05% | 3,26,203 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 8 साल | 6.05% | 3,23,337 रुपये | 7.05% | 3,49,815 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 9 साल | 6.05% | 3,43,347 रुपये | 7.05% | 3,75,137 रुपये |
| 2 लाख रुपये | 10 साल | 6.05% | 3,64,595 रुपये | 7.05% | 4,02,291 रुपये |
FD करवाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि FD का ब्याज आपकी कुल आय के हिसाब से टैक्स के दायरे में आ सकता है। बैंक लागू नियमों के अनुसार TDS भी काट सकता है, इसलिए टैक्स के बाद मिलने वाली रकम अलग हो सकती है। इसके अलावा, मैच्योरिटी से पहले पैसा निकालने पर पेनल्टी लग सकती है या ब्याज घट सकता है। एफडी करवाने जा रहे हैं तो इससे पहले SBI की ऑफिशियल वेबसाइट या ब्रांच से लेटेस्ट एफडी रेट्स की जानकारी जरूर लें क्योंकि एफडी पर रेट्स में बदलाव होता रहता है।
