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'भारत लोकतंत्र की जननी है, 21वीं सदी में डेटा ही असली पावर': ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोले पीएम मोदी

Bloomberg New Economy Forum 2026 India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आयोजित 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' को संबोधित किया। पीएम मोदी ने 'Power to Empower', डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप और लोकतांत्रिक मूल्यों पर रखी अपनी बात।

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'भारत लोकतंत्र की जननी है, 21वीं सदी में डेटा ही असली पावर': ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोले पीएम मोदी

PM Narendra Modi Bloomberg New Economy Forum India: दुनिया के बेहतरीन आर्थिक और वैचारिक मंचों में शुमार 'ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम' (Bloomberg New Economy Forum) का आयोजन इस बार पहली बार भारत में हो रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की लोकतांत्रिक ताकत, डिजिटल क्रांति, स्टार्टअप इकोसिस्टम और समावेशी विकास पर खुलकर अपने विचार रखे।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत माइकल ब्लूमबर्ग और आए हुए वैश्विक मेहमानों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब दुनिया नई ताकतों और बदलाव के दौर से गुजर रही है, भारत ने तकनीक और डेटा का उपयोग हमेशा आम आदमी को सशक्त बनाने के लिए किया है।

'21वीं सदी में डेटा, नॉलेज और इनोवेशन ही असली पावर'

पीएम मोदी ने कहा कि हर युग में शक्ति के अपने स्रोत रहे हैं, लेकिन 21वीं सदी के इस तीसरे दशक में दुनिया एक बड़े बदलाव से गुजर रही है। पीएम ने कहा, 'आज Data is Power है, Knowledge is Power है, Innovation is Power है। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि पावर किसके पास है, बल्कि सवाल यह है कि इसका इस्तेमाल कैसे हो रहा है? क्या टेक्नोलॉजी कुछ लोगों को आगे बढ़ाएगी या करोड़ों लोगों के लिए नए अवसर बनाएगी? यहीं से एक नया विचार जन्म लेता है- Power to Empower।'

प्रधानमंत्री ने प्राचीन भारतीय श्लोक- 'विद्या विवादाय, धनं मदाय, शक्तिः परेषां परिपीडनाय...' का हवाला देते हुए समझाया कि ज्ञान, धन और शक्ति का उपयोग दूसरों को नियंत्रित करने के लिए नहीं, बल्कि उनकी रक्षा करने और उन्हें सक्षम बनाने के लिए होना चाहिए।

'भारत मदर ऑफ डेमोक्रसी है: विविधता और संवाद हमारी ताकत'

भारत की लोकतांत्रिक जड़ों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अभिव्यक्ति और संवाद की असीम स्वतंत्रता है:

लोकतंत्र की जननी: भारत में 100 से अधिक भाषाएं बोली जाती हैं। देश में करीब 80,000 रजिस्टर्ड न्यूजपेपर और पब्लिकेशन्स हैं, और 1,000 से ज्यादा सैटेलाइट टीवी चैनल मौजूद हैं।

डिजिटल युग और सोशल मीडिया: प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत में 500 मिलियन से ज्यादा यूट्यूब यूजर्स और इतने ही इंस्टाग्राम यूजर्स हैं। यहां हर मुद्दे पर खुलकर बहस होती है और जनता चर्चा में हिस्सा लेती है।

डिजिटल पेमेंट और स्टार्टअप क्रांति

विदेशी मेहमानों को भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का अनुभव लेने का आमंत्रण देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तकनीक ने देश में अमीर-गरीब का भेद मिटा दिया है।

एक जैसा डिजिटल प्लेटफॉर्म: आज देश में एक स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी-पटरी वाला) और बड़े कार शोरूम का मालिक दोनों डिजिटल पेमेंट के एक ही प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। यही इन्क्लूसिव टेक्नोलॉजी की असली ताकत है।

स्टार्टअप्स का उभार: 2014 से पहले जहां देश में कुछ सौ स्टार्टअप हुआ करते थे, वहीं आज इनकी संख्या 2.5 लाख से अधिक हो चुकी है। खास बात यह है कि इनमें से लगभग आधे स्टार्टअप छोटे शहरों और कस्बों से हैं, और 45% स्टार्टअप में महिलाएं डायरेक्टर या पार्टनर के रूप में नेतृत्व कर रही हैं।

सस्ती शिक्षा: सरकार मोबाइल डेटा को किफायती बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है, जिससे छोटे शहरों और दूरदराज के विद्यार्थी भी डिजिटल माध्यमों से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा हासिल कर सकें।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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