Hardoi News: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में कथित मिलावटी दूध के कारोबार की आशंका पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संडीला औद्योगिक क्षेत्र स्थित पूनम दूध डेयरी पर छापेमारी के दौरान दो टैंकरों में भरा करीब 38 हजार लीटर दूध सीज किया गया। मौके से भारी मात्रा में केमिकल और अन्य सामग्री भी बरामद हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के लिए सात नमूने भेजे हैं। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पता चलेगा कि दूध या बरामद सामग्री में मिलावट की गई थी या नहीं।
यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया के नेतृत्व में की गई। छापेमारी के दौरान प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। डेयरी के संचालक प्रदीप गुप्ता बताए गए हैं।
दो टैंकरों में मिला 38 हजार लीटर दूध
प्रशासनिक टीम ने डेयरी परिसर में जांच के दौरान दो टैंकरों में भरा करीब 38 हजार लीटर दूध सीज किया। अधिकारियों को मौके से मिले केमिकल और अन्य सामग्री पर भी संदेह है। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने इकट्ठा कर जांच के लिए भेजे हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, कुल सात नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट आने के बाद दूध की गुणवत्ता और बरामद सामग्री की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, दूध में मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है।
नारायणी भाटिया के नेतृत्व में हुई छापेमारी
पूनम डेयरी पर कार्रवाई के दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम संडीला नारायणी भाटिया के साथ एएसपी संडीला और सीओ श्लोक गौतम मौजूद थे। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग और राजस्व विभाग की टीमें भी कार्रवाई में शामिल थीं।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया ने बताया कि नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में दूध की गुणवत्ता और कथित मिलावट को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
जांच रिपोर्ट पर टिकी नजर
दूध और उससे जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता सीधे लोगों की सेहत से जुड़ी होती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका मिलने पर नमूनों की जांच अहम हो जाती है। हालांकि, किसी डेयरी से केमिकल बरामद होने या दूध सीज किए जाने मात्र से मिलावट साबित नहीं होती। इसके लिए जांच रिपोर्ट और संबंधित सुबूत जरूरी हैं।
फिलहाल, संडीला स्थित पूनम डेयरी से जब्त दूध के सात नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
