मार्च 2025 में होगी शुरुआत
दुनिया का दूसरा और देश का सबसे बड़ा रोपवे (रोपवे रूट के नाम
बयान के अनुसार फॉरेस्ट क्लियरेंस एक्ट (FCA) के तहत फॉरेस्ट क्लियरेंस के लिए सभी जरूरी दस्तावेज यानी डॉक्यूमेंट्स को उसके पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। बताया गया है कि दुनिया के इस दूसरे सबसे लंबे रोपवे रूट में कुल 15 स्टेशन बनाए जाएंगे और तीन रूट लाइन होंगी, जिनके नाम नीचे दिए गए हैं -- मोनाल लाइन (
Monal Line ) - देवदार लाइन (
Deodar Line ) - एप्पल लाइन (
Apple Line )
शिमला रोपवे की लागत और यात्री किराया
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जहां तक शिमला रोपवे के किराए का प्रश्न है तो यह स्थानीय निवासियों और पर्यटकों (Tourists) के लिए अलग-अलग होगा। उन्होंने कहा कि किराया राज्य सरकार ही तय करेगी।शिमला रोपवे की कुल लंबाई 60 किमी होगी और इस प्रोजेक्ट की कुल लागत में से 20 फीसद सरकार खर्च करेगी। जबकि इसकी 80 फीसद लागत न्यू डेवलपमेंट बैंक से लोन के रूप में मिलेगी। शुरुआत में इस रोपवे के जरिए हर घंटे 2000 लोग सफर कर पाएंगे, जबकि 2059 तक इसकी क्षमता दोनों तरफ मिलाकर 6000 तक बढ़ाई जाएगी।
भारत में सिर्फ 20 रोपवे
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दुनियाभर में कुल 25 हजार रोपवे हैं, जिसमें से भारत में सिर्फ 20 ही हैं। इसमें भी हिमाचल प्रदेश आगे है, क्योंकि यहां बगलामुखी मंदिर रोपवे (Baglamukhi Temple ropeway) पहले ही बनाया जा चुका है और बाबा बालकनाथ मंदिर रोपवे (Baba Balaknath Temple ropeway) को कैबिनेट से मंजूरी मिल चुकी है।शिमला रोपवे के स्टेशन
शिमला रोपवे बन जाने के बाद यहां पहुंचना आसान होने के साथ ही पर्यटकों के लिए यह प्रमुख आकर्षणों में से एक होगा। जैसा कि हमने ऊपर ही बताया कि 60 किमी के इस रोपवे रूप में कुल 15 स्टेशन होंगे। जिनमें से मंत्री के अनुसार 14 के नाम इस प्रकार हैं -- तारादेवी (Taradevi)
- न्यायिक परिसर (Judicial Complex)
- चक्कर (Chakkar)
- टूटीकांडी (Tutikandi)
- नया अंतरराज्यीय बस अड्डा (New ISBT)
- रेलवे स्टेशन (Railway Station)
- पुराना बस अड्डा (Old ISBT)
- लिफ्ट (Lift)
- छोटा शिमला (Chhota Shimla)
- नवबहार (Navbahar)
- संजौली (Sanjauli)
- IGMC
- लक्कड़ बाजार (Lakkar Bazaar)
- 103 टनल (103 Tunnel)
