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महिला दिवस पर रेल की कमान महिलाओं के हाथ, रांची और धनबाद में दिखा नारी शक्ति का कमाल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर झारखंड के रांची और धनबाद रेल मंडलों में महिला सशक्तिकरण की अनोखी मिसाल देखने को मिली। रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों के संचालन से लेकर सुरक्षा और टिकट जांच तक की जिम्मेदारी महिला कर्मचारियों को सौंप दी। इस पहल के जरिए महिलाओं की क्षमता और नेतृत्व कौशल को उजागर करने का संदेश दिया गया।

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रांची और धनबाद में महिलाओं ने ट्रेन संचालन की कमान संभाली (प्रतीकात्मक फोटो)

Jharkhand News: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर रविवार को रांची-इरगांव रूट पर चलने वाली एक यात्री ट्रेन का संचालन पूरी तरह महिला कर्मचारियों की टीम ने संभाला। इस बारे में रेलवे की एक महिला अधिकारी ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विशेष दल में ट्रेन चालक, सहायक चालक, ट्रेन मैनेजर, टिकट परीक्षक और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला कर्मी शामिल थीं। दक्षिण पूर्व रेलवे की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सूची सिंह ने कहा कि यह दिन महिलाओं और रांची रेल मंडल दोनों के लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि महिला दिवस के अवसर को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह विशेष पहल की, जिसके तहत पूरी ट्रेन का संचालन केवल महिला कर्मचारियों द्वारा किया गया।

महिलाओं ने संभाली कमान

इस विशेष ट्रेन में ट्रेन चालक, टिकट परीक्षक और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की जिम्मेदारी निभाने वाली सभी कर्मचारी महिलाएं ही थीं। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन रांची से चलकर इरगांव स्टेशन तक गई। अधिकारी के अनुसार समाज में बढ़ती जागरूकता और बदलते समय के साथ अब महिलाएं रेलवे जैसे उन क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रही हैं, जहां पहले पुरुषों का दबदबा माना जाता था, और वे इन जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभा भी रही हैं। यह ट्रेन सुबह 9 बजकर 13 मिनट पर रांची स्टेशन से रवाना हुई और लगभग डेढ़ घंटे की यात्रा के बाद सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर इरगांव पहुंची। रास्ते में कुल नौ स्टेशनों पर रुकते हुए इसने करीब 58 किलोमीटर की दूरी तय की। इस यात्रा में ट्रेन में सैकड़ों यात्री भी सवार थे।

सरकार महिलाओं को कर रही प्रोत्साहित

रांची की मुख्य टिकट निरीक्षक मसीरा सुरीन ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि महिला दिवस के अवसर पर वे ट्रेन के संचालन और प्रबंधन में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकार महिलाओं को समाज के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। वहीं आरपीएफ की उप-निरीक्षक रीता कुमारी ने कहा कि समय बदल रहा है और अब महिलाएं ट्रेन में अकेले भी सुरक्षित यात्रा कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए आरपीएफ में महिला कर्मियों की तैनाती की गई है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। लोको पायलट दीपाली अमृत ने बताया कि भारतीय रेलवे में महिलाओं की भागीदारी और महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने वर्ष 2007 में रेलवे की सेवा शुरू की थी, तब वे इस क्षेत्र में अकेली महिला थीं। लेकिन समय के साथ महिलाओं की दिलचस्पी बढ़ी और अब हटिया मंडल में तीन महिला ट्रेन चालक और करीब दस महिला सहायक ट्रेन चालक कार्यरत हैं।

धनबाद रेल मंडल भी रहा ऐसा नाजार

इसी तरह, धनबाद रेल मंडल में भी महिला कर्मचारियों ने विशेष जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। धनबाद-सिंदरी टाउन पैसेंजर ट्रेन का संचालन महिला टीम ने किया। इस टीम में रेल चालक के रूप में जानकी बल्लभ बारी, सहायक रेल चालक वंदना कुमारी और ट्रेन मैनेजर दीपा कुमारी थीं। वापसी में सिंदरी टाउन से धनबाद आने वाली पैसेंजर ट्रेन भी महिलाओं ने ही संचालित की। इसके अलावा, धनबाद स्टेशन पर टिकट काउंटर, ट्रेन सिग्नलिंग, टिकट जांच और सुरक्षा की जिम्मेदारियां भी महिलाओं को दी गईं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की क्षमताओं और नेतृत्व कौशल को उजागर करना और उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर देने का संदेश देना है।

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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