ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के दलेलगढ़ गांव में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में गिरकर तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्राधिकरण को कई बार शिकायत देने के बावजूद गड्ढे को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया गया। वहीं इस मामले पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का पक्ष सामने आया है।
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के जीएम ए.के. सिंह ने कहा, 'दलेलगढ़ गांव में तालाब में डूबने से एक बच्चे की मौत की मीडिया रिपोर्ट के आधार पर, अथॉरिटी ने मामले का संज्ञान लिया है। अथॉरिटी के एक सीनियर मैनेजर को घटना की जगह पर भेजा गया था। पता चला कि तालाब गंगा राम और धर्मवीर का था और उनके अपने प्राइवेट इस्तेमाल के लिए था। इस वजह से, अथॉरिटी उनके खिलाफ सीधे एक्शन नहीं ले सकती। हम इस घटना से दुखी हैं। हम लोगों को अवेयर रहने के लिए अलर्ट करेंगे।'
जानकारी के मुताबिक दलेलगढ़ गांव निवासी अनिल की बेटी अंजलि कुछ दिन पहले ही अपने ससुराल सिकंदराबाद से मायके आई थी। वह अपने तीन साल के बेटे देवांश और बेटी को भी साथ लाई थी। रविवार को घर के नजदीक स्थित मंदिर में भंडारे का कार्यक्रम आयोजित था, जिसमें परिवार और आसपास के लोग व्यस्त थे। इसी दौरान खेलते हुए मासूम देवांश पास में सरकारी जमीन पर बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में जा गिरा।
परिवार में पसरा मातम
बताया जा रहा है कि, जब काफी समय तक देवांश दिखाई नहीं दिया तो अंजलि घबरा उठी। इसके बाद परिवार और आसपास के लोग उसे ढूंढने में जुट गए। तलाश के दौरान वह पास के गड्ढे में भरे पानी में मिला। परिजन तुरंत उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और मासूम दम तोड़ चुका था। इस दर्दनाक हादसे से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
खतरनाक गड्ढों को भरने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग
गांव के लोगों ने बताया था कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था और बारिश के बाद इसमें पानी भर गया था। ग्रामीणों का कहना है कि सेक्टर-150 की घटना के बाद भी उन्होंने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को पत्र देकर ऐसे खतरनाक गड्ढों को भरने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
