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पश्चिम बंगाल में 1 सितंबर से 'स्वच्छ ऐप' लॉन्च: दुर्गा पूजा से पहले सुधरेगी व्यवस्था, सड़क पर थूकने, गंदगी फैलाने पर लगेगा भारी जुर्माना!

What is Swachh App: नगर विकास विभाग शुरुआती तीन महीनों तक (सितंबर, अक्टूबर और नवंबर) जनता के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा। इस दौरान लोगों को सड़कों पर गंदगी न फैलाने की चेतावनी दी जाएगी।

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राज्य के नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल

West Bengal to launch Swachh App: पश्चिम बंगाल को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए नगर विकास विभाग (Urban Development Department) दुर्गा पूजा से पहले एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। आगामी 1 सितंबर से राज्य में 'स्वच्छ ऐप' (Swachh App) लॉन्च किया जाएगा। इस मुहिम के तहत सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, प्लास्टिक या चिप्स के पैकेट फेंकने, थूकने और खुले में पेशाब करने वालों के खिलाफ पुलिसिया और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

3 महीने का 'सुधार पीरियड' और जागरूकता अभियान

सरकार इस कानून को तुरंत थोपने के बजाय नागरिकों को अपनी आदतें सुधारने का पूरा मौका देगी। नगर विकास विभाग शुरुआती तीन महीनों तक (सितंबर, अक्टूबर और नवंबर) जनता के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा। इस दौरान लोगों को सड़कों पर गंदगी न फैलाने की चेतावनी दी जाएगी और जागरूक किया जाएगा। तीन महीने की यह अवधि समाप्त होने के बाद, नियम का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस द्वारा सीधे जुर्माना (Fine) लगाया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के तहत 10 नगरपालिकाओं से शुरुआत

इस योजना को शुरुआती चरण में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उन नगरपालिकाओं में लागू किया जा रहा है जहां फिलहाल प्रशासक (Administrators) नियुक्त किए गए हैं। शुरुआत 10 चुनिंदा नगरपालिकाओं से होगी, जिसके सफल रहने के बाद इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा।

हर 100 मीटर पर लगेंगे डस्टबिन

नागरिकों को कचरा फेंकने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सरकार बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रही है। योजना के तहत पूरे पश्चिम बंगाल में सड़कों के किनारे हर 100 मीटर की दूरी पर डस्टबिन (कूड़ेदान) इंस्टॉल किए जाएंगे। तीन महीने के बाद सड़कों पर किसी भी तरह का कचरा फेंकने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी।

इन हरकतों पर लगेगा भारी जुर्माना:

-सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर कचरा या प्लास्टिक फेंकना।

-चिप्स, बिस्किट या अन्य खाने-पीने की चीजों के पैकेट सड़क पर डालना।

-सड़कों या दीवारों पर थूकना या पान-गुटखे की पीक फेंकना।

-पुरुषों द्वारा सड़कों या सार्वजनिक जगहों पर खुले में पेशाब करना।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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