Vrindavan News: वृंदावन को बांके बिहारी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु रोज मथुरा पहुंचते हैं। पिछले कुछ महीनों से वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती ही जा रही है। वहीं दिवाली का शुभ मुहूर्त और ऑफिस/स्कूलों की छुट्टी पर कई ऐसे लोग है, जो अपने परिवार के साथ बांके बिहारी के दर्शन करने और दिवाली मनाने के लिए वृंदावन जाने की प्लानिंग कर रहे हैं। यदि आप भी उन्हीं में से एक हैं जो बांके बिहारी के चरणों में जाके दिवाली मनाने की सोच रहे हैं तो ये आर्टिकल आपके लिए ही है। यहां आपको वृंदावन में बांके बिहारी के दर्शन का समय और भीड़ की स्थिति की जानकारी मिलेगी, जिसके अनुसार आप अपना पूरा दिन आसानी से प्लान कर सकते हैं और उसके अपने आराध्य से सहज दर्शन भी कर सकते हैं।
फूलों और गुब्बारों से सजाया बांके बिहारी का मंदिर
दिवाली के शुभ उपलक्ष्य पर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर सहित, राधावल्लभ मंदिर, राधदामोदर मंदिर, राधारमण मंदिर, इस्कॉन मंदिर समेत अन्य मंदिरों को फूलों और गुब्बारों के साथ बहुत ही खूबसूरती से सजाया गया है। दिवाली पर इन मंदिरों की रौनक अन्य दिनों से अधिक होती है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं।
कैसी है बांके बिहारी मंदिर में भीड़
मंदिर के सेवायत अशोक गोस्वामी से दिवाली के अवसर पर होने वाली भीड़ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आम दिनों के मुकाबले दिवाली और उससे पहले के त्योहारों के कारण बांके बिहारी के दर्शन करने आने वाले भक्तों की संख्या में कमी आई है। अशोक गोस्वामी ने बताया कि ये पहली बार नहीं हो रहा है। ऐसा प्रतिवर्ष दिवाली के दौरान होता है। दरअसल ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि सभी लोग अपने घरों में भी त्योहार मनाते हैं, जिस कारण बाहर की आवाजाही कम हो जाती है।
अपने आराध्य के सहज दर्शन करने के लिए ये एकदम सही समय है। बांके बिहारी मंदिर के साथ राधावल्लभ मंदिर, राधादामोदर मंदिर, राधारमण मंदिर, इस्कॉन मंदिर में भी भीड़ कम होगी और आप आसानी से सभी मंदिरों में दर्शन कर पाएंगे।
दिवाली के बाद बदलेगा दर्शन का समय
दिवाली के बाद बांके बिहारी मंदिर के दर्शन का समय बदलने की पूरी तैयारी मंदिर प्रशासन ने कर ली है। जानकारी के अनुसार, दर्शन का समय 15 नवंबर से बदल जाएगा। शीत ऋतु को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। 15 नवंबर से बांके बिहारी मंदिर के पट सुबह 8:45 पर खुलेंगे उसके बाद फिर सुबह 8:55 पर शृंगार आरती होगी और दोपहर 12:55 पर राजभोग आरती होगी। वहीं शाम में मंदिर के पट 4:30 बजे खुलेंगे और 8:25 पर शयन आरती के बाद रात 8:30 बजे पट बंद कर दिए जाएंगे।।
