वाराणसी

Champions Trophy: बनारस में क्रिकेट प्रेमियों ने भारत की जीत के लिए उतारी मां गंगा की आरती, किया हनुमान चालीसा का पाठ

Varanasi: भारत और न्यूजीलैंड के बीच आज चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। यूएई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच से पहले देश में बड़े उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में वाराणसी में चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के लिए मां गंगा की आरती उतारी और हनुमान चालीसा का पाठ किया।

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वाराणसी में गंगा आरती, हनुमान चालीसा पाठ।

India vs New Zealand: चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम और न्यूजीलैंड के बीच दुबई में मुकाबला होने वाला है। इस अहम मैच से पहले काशीवासियों ने अपनी टीम की जीत के लिए विशेष प्रार्थना की। काशी के प्रमुख धार्मिक स्थल पर स्थित 51 फीट लंबी हनुमान प्रतिमा के समक्ष भारतीय टीम की विजय के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया गया।

भारत की जीत के लिए वाराणसी में गंगा आरती, हनुमान चालीसा पाठ

यह विशेष आयोजन काशीवासी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कर रहे थे। सभी लोग हाथों में तिरंगा झंडा और खिलाड़ियों के पोस्टर के साथ उपस्थित हुए। क्रिकेट प्रेमियों ने उत्साह के साथ हनुमान जी के चरणों में भारतीय टीम की जीत की कामना करते हुए हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस अवसर पर फैंस से बातचीत एक स्थानीय प्रशंसक गोपाल सिंह ने कहा, 'हम यहां एक खास मनोकामना लेकर आए हैं। हम सब पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ भारतीय टीम की जीत की कामना कर रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि भारत चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा है।'

वहीं, विनोद कुमार मिश्रा ने कहा, 'हमने चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत की कामना की है। हम लोगों ने हनुमान चालीसा का जाप किया है। हम चाहते हैं कि भारतीय टीम इस फाइनल में जीत हासिल करे और देश का नाम रोशन करे।' नमामि गंगे टीम ने वाराणसी के घाट पर आरती की और न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में भारत की जीत के लिए मां गंगा से प्रार्थना की।

वाराणसी समेत देशभर में फैंस भारत की जीत के लिए कर रहे दुआ

भारत और न्यूजीलैंड के बीच फाइनल मैच से पहले एक प्रशंसक ने कहा कि आज भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल मैच खेल रहा है। हमने मां गंगा से भारत की जीत की प्रार्थना की। सिर्फ वाराणसी ही नहीं, भारत में अन्य जगह पर भी भारत की जीत को लेकर फैंस दुआ कर रहे हैं। टीम के प्रदर्शन को देखते हुए सबको जीत की उम्मीद है। मुंबई के एक फैंस ने कहा कि उम्मीद है कि भारत आज जीतेगा, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। हमें पिछले टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड ने नॉकआउट किया था, उम्मीद है कि हम आज बदला लेंगे। श्रेयस अय्यर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और आज भी वे अपनी फॉर्म के अनुसार प्रदर्शन करेंगे।

चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले पर टिकी सबकी निगाहें

भारत और न्यूजीलैंड के बीच चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का फाइनल मैच रविवार, 9 मार्च को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। ऐसे में भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें फाइनल मैच पर टिकी हुई हैं।

टीम संतुलन की बात करें तो भारत की टीम न्यूजीलैंड पर भारी है। हालांकि, न्यूजीलैंड के पास भी अच्छी गेंदबाजी और बल्लेबाजी हैं। लेकिन, दुबई की पिच पर लीग मैच में भारत के हाथों न्यूजीलैंड को हार का सामना करना पड़ा था। अब फाइनल में भारत एक बार फिर न्यूजीलैंड को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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