वाराणसी

Varanasi News: गाड़ी पर नीली बत्ती देख खफा हुए मंत्री, पुलिस को दिया कार्रवाई का आदेश; जानें पूरा मामला

उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने वाराणसी दौरे के दौरान एक गाड़ी पर बिना अनुमति के नीली लाइट के उपयोग को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने वाराणसी पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को पत्र लिखकर इस नियम उल्लंघन की जानकारी दी और चालान जारी करने की मांग की।

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यूपी के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण (फाइल फोटो)

Varanasi News: उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण का हालिया वाराणसी दौरा कई वजहों से चर्चा में रहा। अपने दौरे के दौरान उन्होंने एक सरकारी वाहन पर बिना अनुमति नीली बत्ती लगी होने को लेकर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए। इसके अलावा मंत्री ने सामाजिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया।

वाराणसी पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र

असीम अरुण ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल को पत्र लिखकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 30 जून को वाराणसी आगमन पर उनके लिए जो गाड़ी भेजी गई थी, उस पर बिना अनुमति नीली बत्ती लगी थी। उन्होंने इस गाड़ी को लेने से इनकार कर दिया और पुलिस अधिकारियों को इसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने नियमों के उल्लंघन के लिए चालान काटने की बात भी कही।

बीएचयू में बैठक में लिया हिस्सा

नीली बत्ती के मुद्दे से इतर, असीम अरुण का वाराणी दौरा सामाजिक सहभागिता से भी भरपूर रहा। उन्होंने भुल्लनपुर के कबीर इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम समाजसेवी नरेंद्र कुमार शास्त्री की 94वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था, जिसे अनुसूचित जाति और जनजाति विकास समिति ने आयोजित किया था। इसके अलावा उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में एक बैठक में भी भाग लिया।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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