नाजनीन अंसारी वाराणसी के एक बुनकर परिवार से हैं। लेकिन गरीबी के बावजूद नाजनीन ने अपनी पढ़ाई की वह वाराणसी में मुस्लिम महिला फाउंडेशन की सदर हैं, नाजनीन वैसे तो मुस्लिम हैं लेकिन उनका मानना है कि सभी धर्म एक सामान हैं और सबको सारे धर्मों का सम्मान करना चाहिए।
नाजनीन अंसारी ने कहा, 'धर्म बदलने से न पूर्वज बदल सकते हैं, न मातृभूमि और न ही पूर्वजों के भगवान राम, जब तक हमारे पूर्वज भगवान राम के नाम से जुड़े थे तब तक दुनिया में सम्मान की दृष्टि से देखा जाता था, अब लोग शक की दृष्टि से देखते हैं, हम जड़ों से जुड़े रहेंगे तो हमारा सम्मान बना रहेगा।'
हमारे भी पूर्वज हिंदू ही थे
नाजनीन अंसारी ने कहा कि जिस पर गुरु की कृपा होती है, वे कभी गलत रास्ते का चुनाव नहीं करते। हम कबीर और रहीम को मानने वाले सनातनी मुसलमान हैं। हमारे पूर्वज हिंदू थे, उनका ही खून हमारे रगों में है, धर्म बदलने से हमारी संस्कृति नहीं बदलेगी, गुरु की पूजा भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।
