वाराणसी

सपा MLC आशुतोष सिन्हा हुए कोरोना संक्रमित, सोशल मीडिया पर की पुष्टि

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 1, 2023, 04:00 PM IST

समाजवादी पार्टी के एमएलसी ने अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दी है। उन्होंने कहा है कि वह होम आइसोलेशन में हैं।

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एमएलसी आशुतोष सिन्हा कोरोना संक्रमित हुए

Photo : Twitter

Corona Update: वाराणसी से समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशुतोष सिन्हा कोरोना संक्रमित हो गए हैं। इसकी जानकारी खुद उनकी तरफ से दी गई है। सपा एमएलसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।

समाजवादी पार्टी के नेता ने अपने फेसबुक पर लिखा, 'आज मेरा कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया है। मैं चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार होम आइसोलेट हूं, जिसके कारणवश आगामी सूचना तक मेरे सभी कार्यक्रम निरस्त रहेंगे तथा आप सभी से सम्पर्क नहीं कर सकूंगा। उन्होंने आगे लिखा, पिछले दिनों में जो भी गणमान्य मेरे सम्पर्क में आएं हैं, उनसे अनुरोध करता हूं कि कृपया अपना कोविड टेस्ट अवश्य कराएं एवं रिपोर्ट आने तक होम आइसोलेशन में रहें तथा जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आती है वे सम्पूर्ण चिकित्सकीय परामर्श लें।

2021 में वैक्सीन पर उठाए थे सवाल

सपा एमएलसी ने 2021 में कोरोना वैक्सीन पर कई सवाल भी खड़े किए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस वैक्सीन का इस्तेमाल जनसंख्या घटाने या लोगों को नपुंसक बनाने के भी किया जा सकता है। उनके दावे के बाद एमएलसी पर कई तरह के सवाल खड़े हुए थे।

देश में बढ़ रहे कोरोना के मामले

देश में कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है। बीते दो दिनों से दैनिक मामले तीन हजार के ऊपर आ रहे थे। वहीं बीते 24 घंटों में भी तीन हजार के आसपास के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद देश में सक्रिय कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 16,354 पहुंच चुकी है। वहीं, 24 घंटों में कोरोना से नौ लोगों की मौत हुई है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां पर भी कोरोना के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कोरोना से सावधान रहने की चेतावनी दी है। देश में अब संक्रमण दर बढ़कर दो प्रतिशत के पार पहुंच की है। वहीं साप्ताहिक संक्रमण दर भी 2.03 प्रतिशत दर्ज की गई है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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