Varanasi News: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हाल के महीनों में गंगा नदी में बड़े जहाजों का संचालन शुरू किया गया है। इसके अलावा माल ढुलाई के लिए जल मार्ग काफी सस्ता एवं सुगम माना जा रहा है। ऐसे में नदी में जहाजों को सुगम संचालन को लेकर कवायद तेज हो गई है। इसके तहत गंगा नदी की पथरीली जमीन की ड्रेजिंग कराई जानी है। भारतीय अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण ने ड्रेजिंग के लिए मंजूरी भी दे दी है। फरवरी के अंत तक सभी औपचारिकता पूरी कर ली जाएगी। इस बारे में जल मार्ग प्राधिकरण वाराणसी का कहना है कि गंगा नदी में पथरीली परत की जानकारी के लिए सर्वे कराया गया था। यह सर्वे वाराणसी से गाजीपुर तक हुआ।
सर्वे में इस रूट पर जहाज चला, जिसमें पता चला की नदी की पेटी में पथरीले क्षेत्र हैं। सिल्ट जमने के कारण गाजीपुर में जमीन उथली हो चुकी है। 14 किलोमीटर में पथरीली परत जमी है। गर्मी के मौसम में गंगा नदी का जल स्तर कम हो जाता है, तब जहाजों के संचालन में काफी परेशानी उत्पन्न हो गई। फिर प्राधिकरण के अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई थी। अब ड्रेजिंग की मंजूरी आ गई है।
