वाराणसी

लो कर लो बात! घर ही लगा ली नकली नोट छापने की मशीन, चीन कनेक्शन जानकर सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश

  • Reported by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 12, 2022, 09:21 PM IST

Fake Currency Racket : यूपी पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गैंग का भंडाफोड़ किया है । यह गिरोह चीन से सिक्योरिटी धागा मंगाता था। गैंग के सरगने ने वाराणसी में नोट छापने के लिए मशीन लगाई हुई थी। मशीनों को आरोपी ने पंजाब और तेलंगाना से मंगाया था।

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मुस्ताक अहमद, एसपी जीआरपी, मथुरा नकली नोट मामले की जानकारी देते हुए

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • यूपी पुलिस ने किया नकली नोट छापने वाले गैंग का पर्दाफाश
  • चीन से सिक्योरिटी थ्रेड मंगाकर छापता था नकली नोट
  • कई राज्यों में खपाता था गैंग, प्रिंटिंग मशीन तेलंगाना और पंजाब से मंगाई

Fake Currency Racket: उत्तर प्रदेश में नकली नोट छापने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है। मथुरा जीआरपी ने वाराणसी से रौनक उर्फ मुकेश उर्फ टीपू को अरेस्ट किया है। गिरफ्तार आरोपी रौनक नकली नोट छापने का माहिर है। आरोपी कुछ इस तरह से नोट छापता है कि, उसे पहचानना भी मुश्किल है। नोट के बीच में उपयोग होने वाले हरे कलर के धागे यानी सिक्योरिटी थ्रेड को वह चीन से मंगवाता है। उसने तेलंगाना और पंजाब से नोट छापे के लिए मशीनें मंगाई है। उसने सबसे पहले वाराणसी में नोट छापने का काम शुरू किया था। नोट छापने के बाद छह राज्यों में पहुंचाया जाता है। गैंग का पर्दाफाश होने के बाद सुरक्षा एजेंसी भी चौंक गईं हैं।

इस मामले में एनआई और आईबी के अलावा यूपी एटीएस ने भी जांच शुरू कर दी है। इस मामले के तार चीन से जुड़ रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां यह भी जानकारी कर रही है कि, कहीं भारत की अर्थव्यवस्था को खोखला करने की तो साजिश नहीं रची गई है।

जीआरपी ने डेढ़ लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए

दरअसल, मथुरा जंक्शन पर जीआरपी ने 9 दिसंबर को राजस्थान के सवाईमाधोपुर के रहने वाले कलीमुल्ला काजी, कोटा के तकीम और बिहार के धर्मेंद्र को गिरफ्तार किया था। जीआरपी ने इनके पास से डेढ़ लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। जीआरपी ने जब इनसे पूछताछ की तो पता चला कि, ये तीनों लोग नोटों की सप्लाई करने वाले हैं। गैंग का मास्टरमाइंड वाराणसी निवासी रौनक है। रौनक ने वाराणसी में प्रिंटिंग प्रेस लगाई हुई है और नकली नोट की छपाई करता है। इसके बाद मथुरा जीआरपी ने वाराणसी पहुंचकर पुलिस से संपर्क साधा। यहां सारनाथ इलाके में श्रीनगर कॉलोनी से नकली नोट छापते समय रौनक उर्फ मुकेश उर्फ टीपू को अरेस्ट किया। आरोपी रौनक नकली नोट छापने और उनके बांटने का काम किया करता है।

नोट छापने की मशीन तेलंगाना और पंजाब से मंगवाई

एसपी जीआरपी मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि, आरोपी रौनक के पास से नोट छापने की हाईटेक मशीन और सिक्योरिटी थ्रेड (धागा) बरामद किया गया है। पूछताछ में पता चला कि, रौनक चीन की एक कंपनी से ऑनलाइन माध्यम के जरिए भारत में सिक्योरिटी थ्रेड मंगवाता है। इसके बाद देश में अलग-अलग जगह बैठे गिरोह के सदस्य इस सिक्योरिटी थ्रेड से नकली नोट छापते हैं। रौनक ने पूछताछ में बताया कि, उसने नोट छापने की मशीन तेलंगाना और पंजाब से मंगवाई थी। यह मशीनें काफी हाईटेक हैं। यूपी के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गिरोह का नेटवर्क फैला है। गिरोह के सभी सदस्यों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय की जाती हैं। किसी सदस्य को चीन से सिक्योरिटी थ्रेड मंगाने की जिम्मेदारी है, किसी को मशीन और नोट छापने की जिम्मेदारी है, जबकि कुछ लोगों की जिम्मेदारी नोट बाजार में खपाने की जिम्मेदारी होती है।

डेढ़ करोड़ का कर्ज होने पर रौनक ने नकली नोट छापने शुरू किए

पुलिस की गिरफ्त में आए रौनक ने खुलासा किया कि, उसने प्रिंटिंग कोर्स में डिप्लोमा कर रखा है। वह पहले एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। इस दौरान उसने एक प्रॉपर्टी डीलिंग कंपनी में पैसा इंवेस्ट किया था। इसमें उसे डेढ़ करोड़ का नुकसान हो गया। डेढ़ करोड़ का कर्ज होने पर पश्चिम बंगाल के मालदा में नकली नोट का धंधा करने वाले ब्रजेश से मिला। राजस्थान का रहने वाला ब्रजेश पश्चिम बंगाल में नकली नोट खपाने का धंधा करता है। ब्रजेश ने ही रौनक को नकली नोट छापने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद रौनक ने वाराणसी में एक मकान किराये पर लेकर उसमें मशीन लगाईं और नकली नोट छापने का शुरू कर दिया।

रौनक के पास से पुलिस ने यह सामान बरामद किया

रौनक के पास से पुलिस ने 500-500 रुपये के 21 नकली नोट बने हुए, चार अर्ध-निर्मित नोट, सिक्योरिटी थ्रेड का बंडल, कंप्यूटर, फोटो कॉपी मशीन, हाई क्लास प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बड़ी पंचिंग मशीन, पेपर कटर, आठ फ्रेम स्लाइडर और 10 लकड़ी के फ्रेम के अलावा जाली नोट छापने के लिए इस्तेमाल में आने वाली स्याही, स्क्रीन प्रिंटिंग, पाउडर, वाटर मार्क आदि बरामद किया है।
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