जी नहीं, यहां कोरोना का प्रकोप नहीं है और न ही किसी अन्य घातक बीमारी के कारण गांव में लॉकडाउन जैसी स्थिति है। यहां तो डर का माहौल किसी और ही वजह से है। खौफ इतना है कि ग्रामीण खिड़की खोलने से भी डर रहे हैं। डर के मारे लोग अपने काम-धंधे छोड़कर दरवाजे बंद करके घरों में बंद हैं। चलिए जानते हैं मामला क्या है?
दरअसल वाराणसी में तेंदुए के आतंक ने स्थानीय लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया है। कल यानी शुक्रवार 23 मई को चौबेपुर थाना क्षेत्र के नवापुरा गांव में तेंदुए ने एक युवक, अमित मौर्य पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद से गांव के लोग अपने घरों में कैद हो गए हैं और कई लोग छतों पर शरण ले रहे हैं।
न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार गांव की निवासी प्रर्मिला देवी ने बताया कि तेंदुआ उनके घर के पास से गुजरता हुआ देखा गया है, जिससे सभी लोग चिंतित हैं। स्थानीय निवासी सुरेश के अनुसार तेंदुए के डर से गांव में सन्नाटा छा गया है और लोग घरों से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं।
गांव की कुल आबादी लगभग 5000 है, जिसमें से कई लोग अपनी नौकरियों को छोड़कर घरों में कैद हो गए हैं। पुलिस ने भी ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है और ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने इस स्थिति की गंभीर बताया।
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में जाल बिछा दिया है, लेकिन जब तक तेंदुआ पकड़ा नहीं जाता, तब तक लोगों में डर बना रहेगा। एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह का कहना है कि पुलिस और वन विभाग की टीमें गांव में तैनात हैं ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके
