वाराणसी

'काशी मॉडल' की चर्चा तेज, वाराणसी के BLO बोले- SIR कोई दबाव नहीं, जिम्मेदारी है

SIR प्रक्रिया के बीच काशी मॉडल की चर्चा तेज हो गई है। यहां कई बीएलओ ऐसे हैं, जिन्होंने तय समय से पहले ही अपना काम पूरा कर लिया है। उनका कहना है कि एसआईआर को लेकर उनके ऊपर कोई प्रेशर नहीं है।

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सांकेतिक तस्वीर | PTI

Photo : PTI

Varanasi News: SIR प्रक्रिया के बीच एक ओर जहां विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग पर BLO पर दबाव डालने का आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर काशी मॉडल की चर्चा जोर पकड़ रही है। बनारस में कई ऐसे बीएलओ हैं, जिन्होंने तय समय के अंदर ही SIR की प्रक्रिया पूरी कर ली है। Times Now Navbharat की टीम से बातचीत के दौरान इन बीएलओ ने बताया कि उनके ऊपर कोई दबाव नहीं है, उन्होंने एसआईआर को ड्यूटी नहीं बल्कि जिम्मेदारी समझकर काम किया। वाराणसी जिला निर्वाचन आयोग की ओर से ऐसे BLO को सम्मानित भी किया गया है।

SIR को लेकर क्या बोले वाराणसी के BLO

अपना काम समय से पहले ही पूरा करने वाले बीएलओ ने बताया कि उनके ऊपर किसी तरह का प्रेशर नहीं है। SIR की प्रक्रिया को लेकर हव्वा बनाया जा रहा है। अगर काम में थोड़ी मेहनत की जाएगा और उसे स्मार्ट तरीके से करें, तो SIR को बहुत आराम से पूरा किया जा सकता है। BLO के मुताबिक उन लोगों ने SIR को ड्यूटी नहीं बल्कि जिम्मेदारी की तरह काम किया और नतीजा सामने है।

BLO की मदद के लिए वॉलेंटियर्स

वाराणसी में SIR की प्रक्रिया को लेकर खास जागरूकता बरती जा रही है। जिला निर्वाचन आयोग की ओर से अलग-अलग संस्थाओं के वॉलेंटियर्स BLO की मदद के लिए लगाए गए हैं। सफाई कर्मचारी भी इस काम में BLO की मदद कर रहे हैं। वाराणसी के जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी सतेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में 10 फीसदी BLO ने तय समय से 10 दिन पहले ही अपना काम पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि एक हफ्ते के अंदर बाकी काम पूरा होने की उम्मीद है।

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