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Delhi Protest: 57 नहीं, 45 मेट्रो स्टेशन बंद, इंटरनेट सस्पेंड और बॉर्डर पर BSF तैनात, CJP प्रोटेस्ट से पहले छावनी बनी दिल्ली

Delhi Protest: दिल्ली में CJP के प्रस्तावित जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए राजधानी में 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद रखने समेत कई एहतियाती कदम उठाए हैं। वहीं, जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक, दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर सघन चेकिंग और यातायात प्रतिबंधों के चलते आम लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा का अभेद्य (AI Photo/Verified by Newsroom)

Delhi Protest: दिल्ली पुलिस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर शनिवार, 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से शुक्रवार को इनकार करते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं जिसके तहत 25 हजार सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने के साथ-साथ 45 मेट्रो स्टेशन और मोबाइल इंटरनेट बंद करना, सीमावर्ती स्थलों, बस टर्मिनल, होटलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर जांच करना शामिल है। पुलिस के अनुसार, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था का लक्ष्य बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना के बीच प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर अनधिकृत धरना देने से रोकना और शहर भर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करने का कारण संगठन द्वारा पहले किए गए प्रदर्शन के दौरान कानूनी निर्देशों और अपने आश्वासनों का पालन नहीं किए जाने को बताया है।

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25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती (फोटो- PTI)

शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित

सूत्रों ने बताया कि जंतर-मंतर के चार किलोमीटर के दायरे में शुक्रवार रात रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। यह फैसला सभी मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर लागू होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के बाकी हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं अप्रभावित रहेंगी। इसी के साथ सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया है। सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की कड़ाई से निगरानी सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए सभी 20 में से हर जोन की निगरानी का जिम्मा एक संयुक्त पुलिस आयुक्त, एक पुलिस उपायुक्त और एक अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी जोन की बारीकी से निगरानी करेंगे और कानून-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आवश्यकता पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे।

धारा 163 लागू

वहीं, नई दिल्ली रेंज की संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) नूपुर प्रसाद ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए CJP के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि आवेदन पर विचार किया गया लेकिन यह पाया गया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन सात अक्टूबर को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार, ऐसे आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा करने होते हैं। प्रसाद ने जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी CJP को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कानूनी निर्देशों और स्वयं दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया था।

उन्होंने कहा कि कानूनी निर्देशों और आश्वासनों का पालन नहीं किए जाने, कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति एवं सार्वजनिक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। प्रसाद ने यह भी कहा कि नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है, जिसके तहत सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने के लिए एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं। पुलिस ने चेतावनी दी कि धारा 163 का उल्लंघन करने, तोड़फोड़ करने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अदालतों के पूर्व के फैसलों के अनुरूप उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली पुलिस ने कई स्थानों पर मॉक ड्रिल की। सुरक्षा व्यवस्था में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 120 से अधिक कंपनियों को लगाया जा सकता है। एहतियात के तौर पर दिल्ली भर में शराब की दुकानें 9 और 10 अक्टूबर को बंद रखने का आदेश दिया गया है।

45 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद

इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट शुक्रवार रात 9:00 बजे से शनिवार शाम 6:00 बजे तक बंद रहेंगे। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने संशोधित परामर्श में कहा कि प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध रहेगी, हालांकि नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर यह सुविधा नहीं मिलेगी। डीएमआरसी ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां स्थिति की समीक्षा करेंगी और उसके अनुसार आगे की जानकारी साझा की जाएगी। संशोधित परामर्श में स्टेशनों को बंद रखने संबंधी पहले जारी सूचना में आंशिक बदलाव किया गया है। प्रभावित स्टेशनों में जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नयी दिल्ली, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, बाराखंभा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, झंडेवालान, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं।

अन्य प्रभावित स्टेशनों में दिल्ली हाट-आईएनए, हौज खास, जोर बाग, लाजपत नगर, जंगपुरा, आश्रम, जामिया मिल्लिया इस्लामिया, चावड़ी बाजार, जामा मस्जिद, करोल बाग, राजेंद्र प्लेस, विश्वविद्यालय, कश्मीरी गेट, इंद्रलोक, गुरु तेग बहादुर नगर, नेताजी सुभाष प्लेस, आजादपुर, जहांगीरपुरी, हैदरपुर बादली मोड़ और मजलिस पार्क शामिल हैं। लिस्ट में सीलमपुर, मौजपुर-बाबरपुर, जाफराबाद, वेलकम, यमुना विहार, खजूरी खास, शाहदरा और रिठाला स्टेशन भी शामिल हैं। इससे पहले जारी परामर्श में 57 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद रखने की जानकारी दी गई थी। रेलवे सेवाएं भी बाधित होने की आशंका है। शनिवार तड़के चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने या प्रस्थान करने वाली कई ट्रेन रद्द होने की सूचना है। प्रतिबंधों का उद्देश्य बड़े समूहों को संवेदनशील स्थानों पर इकट्ठा होने और उन क्षेत्रों की ओर जाने से रोकना है जहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। प्रस्तावित उपाय कार्यालय जाने वालों, छात्रों, दुकानदारों और अन्य यात्रियों को प्रभावित कर सकते हैं जो दैनिक यात्रा के लिए मेट्रो पर निर्भर हैं।

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की तैनाती

वहीं रात होते ही दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई। दिल्ली पुलिस और नोएडा पुलिस के साथ बीएसएफ के जवानों को भी तैनात किया गया है। पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने बॉर्डर पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही है। नोएडा गेट पर सघन चेकिंग के चलते लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नो-एंट्री लागू होने के बाद बॉर्डर को सील किए जाने की तैयारी है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा बल अलर्ट मोड पर हैं। इस बीच, पुलिस ने सोशल मीडिया मंचों की निगरानी बढ़ा दी है और प्रदर्शन के लिए लामबंदी के संबंध में 200 से ज्यादा कंटेंट क्रिएटर जांच के दायरे में हैं। राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं पर भी कड़ी निगरानी की जाएगी और अतिरिक्त सुरक्षा कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने कहा कि शनिवार सुबह छह बजे के बाद नई दिल्ली क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रोक की संभावना है जो सुरक्षा आकलन और जमीनी स्थिति के आधार निर्भर करेगा। एहतियाती सुरक्षा कवायद के तहत होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं की जांच की जा रही है।

30 सड़कों और फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित रहने की चेतावनी

पुलिस विभिन्न मंदिरों-मस्जिदों से भी अपील जारी कर लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह कर रही है। राजधानी भर के बस टर्मिनलों पर कड़ी सतर्कता बरती जाएगी, सुरक्षाकर्मी पड़ोसी राज्यों से आने वाले यात्रियों और वाहनों की निगरानी करेंगे। यह सुनिश्चित करने के लिए कि यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित रहे, इसके लिए हवाई अड्डे और इसके आसपास की सड़कों पर अतिरिक्त जांच और निगरानी की जाएगी। हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय संभावित जाम और सुरक्षा जांच का ध्यान रखें।

दिल्ली यातायात पुलिस ने शनिवार को 30 सड़कों और फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित रहने की चेतावनी दी। पुलिस ने लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने का भी अनुरोध किया है। यातायात पुलिस के परामर्श के अनुसार, यातायात प्रबंधन के उपाय मौके की स्थिति के आकलन के आधार पर लागू किए जाएंगे या उनमें ढील दी जाएगी। यात्रियों को यातायात संबंधी ताजा जानकारी, वैकल्पिक मार्गों और अन्य सूचनाओं के लिए दिल्ली यातायात पुलिस के आधिकारिक मंचों पर नजर रखने की सलाह दी गई है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज 'फॉर्म 6' में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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