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वाराणसी मे उफान पर गंगा, 30 से 40 घाटों का टूटा संपर्क, जानें क्या हैं हालात

मैदानी इलाके में गंगा और प्रमुख नदियों के साथ ही इनकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं। फिलहाल वाराणसी तकरीबन 30 से 40 घाटों का संपर्क टूट चुका है। फिलहाल, जलस्तर स्थिर जरूर है लेकिन खतरा अभी बना हुआ है।

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वाराणसी मे उफान पर गंगा

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Varanasi: इन दिनों पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से मैदानी इलाके में गंगा और प्रमुख नदियों के साथ ही इनकी सहायक नदियां भी उफान पर हैं। वहीं उत्तर भारत के ज्यादातर क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति देखी जा रही है। इसी बीच वाराणसी में भी बाढ़ का खतरा मंडराता जा रहा है। फिलहाल वाराणसी तकरीबन 30 से 40 घाटों का संपर्क टूट चुका है। बीते तीन से चार दिनों में लगातार गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। वहीं गंगा का जलस्थर 62.8 मीटर रिकॉर्ड किया गया है।

30 से 40 घाटों का संपर्क टूटा

काशी के करीब 30 से 40 घाटों का संपर्क टूट चुका है। सीढियां और छोटे बड़े मंदिर पानी की आगोश में जा चुके हैं। शमसान घाटों पर भी शवदाह करने वाले लोगों को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। घाट के ऊपरी हिस्से में शवदाह हो रहा है। लेकिन, राहत की बात यह है कि बीते कुछ घंटे से गंगा के जलस्तर में वृद्धि नहीं देखी गई है। जलस्तर स्थिर जरूर है लेकिन खतरा अभी बना हुआ है।

गंगा में बाढ़ के चलते नौका संचालन पर रोक लगी हुई हैं। छोटी बड़ी सभी नावें पूरी तरह खामोश हैं। नाविक समाज के शम्भू साहनी ने बातचीत के दौरान कहा कि तकरीबन 1800-2000 नाव वाराणसी के गंगा नदी में चलती हैं। इससे 2.5 से 3 लाख परिवार सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। अगर यह नाव प्रतिबंधित होती हैं, तो निश्चित तौर पर इन परिवारों के आम जनजीवन प्रभावित होगा।

खतरे के निशान पर गंगा

फिलहाल गंगा का जलस्तर स्थित है लेकिन आने वाले समय में आशंका जताई गई है कि इसमें वृद्धि होगी. इसकी प्रमुख वजह यह है कि अभी पहाड़ी क्षेत्र से पानी छोड़ने की गति कम है। वाराणसी के गंगा के जलस्थर बढ़ने पर बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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