वाराणसी

Varanasi: आत्मविश्वेश्वर मंदिर में आरती के दौरान लगी आग, मची अफरातफरी; 7 लोग झुलसे

वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र में स्थित आत्मविश्वेश्वर मंदिर में शनिवार शाम आरती के बीच आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। यह घटना तब हुई जब मंदिर में रूई से तैयार की गई झांकी में आग लग गई। सात लोग हादसे में झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है।

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घायलों का इलाज जारी

Photo : Times Now Digital

Varanasi Temple Fire: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शनिवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया। चौक थाना क्षेत्र की संकठा गली में स्थित ऐतिहासिक आत्मविश्वेश्वर मंदिर में आरती के दौरान आग लग गई। हादसे के वक्त मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। इस आगजनी में सात श्रद्धालु झुलस गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

रूई से बनी झांकी ने पकड़ी आग

सावन के आखिरी दिन आत्मविश्वेश्वर मंदिर को ‘अमरनाथ’ के रूप में सजाया गया था। मंदिर के अंदर रूई से बनी भव्य झांकी तैयार की गई थी। जैसे ही आरती शुरू हुई, झांकी में आग लग गई। रूई से सजी सजावट ने आग को तेजी से फैलने में मदद की और कुछ ही पलों में मंदिर परिसर धुएं से भर गया।

भगदड़ के बीच कई श्रद्धालु घायल

आग लगने के बाद मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। श्रद्धालु जान बचाकर भागने लगे। इस दौरान कई लोग गिर पड़े, जबकि कुछ लोग आग की चपेट में आ गए। झुलसे सात लोगों को वाराणसी के कबीर चौराहा स्थित मंडलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने सभी को खतरे से बाहर बताया है।

फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संभाली स्थिति

घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। वहीं, पुलिस भी मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित करने में जुट गई। मंदिर के चारों ओर भीड़ को हटाया गया। हादसे की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र और जिला अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घायलों का कुशलक्षेम जाना।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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